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नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) विभिन्न देशों के साथ उड़ानों के लिये के किये गये द्विपक्षीय समझौतों (एयर बबल) के तहत पहुंच रहे सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की दो स्तर की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके अलावा, उन्हें अपने खुद के खर्च पर सात दिनों के अनिर्वाय संस्थागत पृथक-वास में और इसके बाद एक सप्ताह घर पर पृथक रहना होगा। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ‘एयर बबल’ के जरिये पहुंच रहे यात्रियों के लिये किये जा रहे इंतजाम पर बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा की गई। ‘एयर बबल’ दो देशों के बीच एक द्विपक्षीय समझौता है, जिसके तहत दोनों देशों से एयरलाइनें कुछ नियमों एवं पाबंदियों के साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें परिचालित कर सकती हैं। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भल्ला ने स्वास्थ्य, नागर विमानन मंत्रालय और आव्रजन ब्यूरो के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में अंतिम गंतव्य राज्य में दूसरी स्वास्थ्य जांच, स्वास्थ्य जांच के लिये आगमन क्षेत्र में अतिरिक्ति स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती जैसे कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा की। नागर विमानन मंत्री हरदीप पुरी ने 16 जुलाई को यह घोषणा की थी कि भारत ने फ्रांस और अमेरिका के साथ (उड़ानों के लिये) द्विपक्षीय समझौते किये हैं, जो समझौते में शामिल प्रत्येक देशों की एयरलाइनों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानें परिचालित करने की अनुमति देगा। एयर फ्रांस दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और पेरिस के बीच 18 जुलाई से एक गस्त तक 28 उड़ानें परिचालित कर रहा है, जबकि अमेरिकी एयरलाइन यूनाइटेड एयरलाइंस भारत और अमेरिका के बीच 17 जुलाई से 31 जुलाई तक 18 उड़ानें परिचालित कर रहा है। जर्मनी और ब्रिटेन के साथ इसी तरह के इंतजाम की शीघ्र अनुमति दी जाएगी। सरकार के निर्देश के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से दिल्ली हवाईअड्डा पहुंचने पर यात्रियों को अपने खुद के खर्च पर सात दिनों के अनिवार्य संस्थागत पृथक-वास में रहना होगा और इसके बाद घर पर एक सप्ताह पृथक रहना होगा। सभी यात्रियों को अनिर्वाय स्वास्थ्य जांच से गुजरना होगा जिसमें हवाईअड्डा स्वास्थ्य अधिकारियों (एपीएचओ) की प्राथमिक स्कीनिंग भी शामिल है। इनके तहत शरीर के तापमान की जांच अत्यधिक अधिक सटीक नतीजे देने वाले स्कीनिंग कैमरों से की जाएगी। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि दिल्ली-एनएसीआर में ठहरने की योजना बना रहे यात्रियों को दिल्ली सरकार के जांच केंद्र में दूसरी स्क्रीनिंग करानी होगी, जिसके बाद उन्हें मंजूरी प्राप्त पृथक-वास स्थानों पर जाने की अनुमति दी जाएगी। अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के अधिकारियों को ‘मीटर्स एंड ग्रीटर्स’ क्षेत्र में बनाये गये अलग सहायता केंद्र पर रखा जाएगा तथा उन राज्यों के यात्री अपने-अपने राज्य के संबद्ध केंद्र से सीधे संपर्क करेंगे। दिल्ली हवाईअड्डा पर सिर्फ चार श्रेणियों के यात्रियों को पृथक-वास में रहने से छूट देने पर विचार किया जा सकता है। वे हैं--गर्भवती महिलाएं, जिस यात्री के घर में किसी की मृत्यु हो गई हो, गंभीर बीमारी से पीड़ित और 10 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ आये माता-पिता। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें छूट दिये जाने पर विचार करने का अनुरोध करने के लिये लिये चिकित्सा प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र, पासपोर्ट की प्रति और अगली उड़ान की टिकट पेश करने की आवश्यकता होगी।

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