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नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के टेलीमेडिसिन सेवा मंच ‘ई-संजीवनी’ ने अब तक तीन लाख टेली-परामर्श पूरे कर लिए हैं। सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह मंच दो प्रकार की टेलीमेडिसिन सेवाएं देता है- एक, ई-संजीवनी के जरिए डॉक्टर से डॉक्टर के बीच और दूसरा, ई-संजीवनी के माध्यम से रोगी और डॉक्टर के बीच। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस मंच ने संकट के ऐसे समय में आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराई है जब कोविड-19 महामारी के चलते पारंपरिक दवा माध्यम को जोखिम भरा माना जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने नौ अगस्त को कहा था कि राष्ट्रीय टेली-मेडिसिन सेवा डेढ़ लाख से अधिक टेली-परामर्श पूरे कर चुकी है जो ‘‘महत्वपूर्ण उपलब्धि’’ है। मंत्रालय ने कहा कि तब से एक महीने के भीतर यह संख्या दोगुनी हो गई है। पिछले 20 दिन में एक लाख टेली-परामर्श हुए। इसने कहा कि डॉक्टर से डॉक्टर के बीच ‘ई-संजीवनी’ सेवा आयुष्मान भारत स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्र कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। मंत्रालय ने कहा कि पिछले साल नवंबर में शुरू हुई इस सेवा का उद्देश्य दिसंबर 2022 तक सभी डेढ़ लाख स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्रों में टेली परामर्श क्रियान्वित करने का है। कोविड-19 महामारी के चलते स्वास्थ्य मंत्रालय गत 13 अप्रैल को दूसरी टेली परामर्श सेवा ‘ई संजीवनी ओपीडी’ लेकर आया था जिससे रोगी और डॉक्टर के बीच परामर्श हो सके।