91.33 लाख का बजट, पांच साल में मिला महज पांच लाख

कुशीनगर:जिलाविद्यालयनिरीक्षककार्यालय26वर्षबादभीयहएलबेस्टस(सीमेंटकीसीट)केनीचेसंचालितहोरहाहै।बरसातमेंजगह-जगहलीकेजहोनेसेकार्यालयकीआलमारी,पत्रावलियां,कुर्सियांवजरूरीसामानसुरक्षितनहींहैं।अलग-अलगकमरोंमेंबैठेकर्मचारीबारिशहोनेपरभीगनेसेबचनेकेलिएकुर्सीयहां-वहांघिसकाकरबचावकरतेहैं।

13मई1994कोदेवरियासेअलगहुएपडरौनाकेनामसेजनपदकासृजनहुआ।19जून1997मेंइसकानामबदलकरकुशीनगरकरदियागया।शुरुआतीदौरसेहीमाध्यमिकविद्यालयोंकाजनपदीयदफ्तरउपेक्षितरहाहै।यहां-वहांकिरायेकेभवनमेंसंचालितहोनेकेबादएकदशकपूर्वतत्कालीनजिलाविद्यालयनिरीक्षकरामचेतनेजिलामुख्यालयपरजर्जरपड़ेभवनकोमरम्मतकराकरइसेशिफ्टकरवाया।जिलामुख्यालयकेसभीकार्यालयखुदकेभवनमेंसंचालितहोरहेहैं,लेकिनशिक्षाकेइसदफ्तरकीउपेक्षाइसकदरकीसरकारेंआईऔरगई,लेकिनकिसीनेइसकीसुधनहींली।यहांकार्यरतकर्मचारियोंकासंकटनकिसीजनप्रतिनिधिकोदिखताहैनहींकोईठोसपहलकानतीजाहीनिकला।जीर्णशीर्णहालतदेखयहांआनेवालेलोगसरकारकीमंशाकोलेकरसवालभीकरतेहैं।भवनकेलिए91.33लाखस्वीकृत

जिलाविद्यालयनिरीक्षककार्यालयकेलिएआठवर्षपूर्व91.33लाखकाबजटस्वीकृतहोनेकेबादप्रथमकिस्तकेरूपमेंपांचलाखरुपयेअवमुक्तहुआ।कार्यदायीसंस्थाग्रामीणअभियंत्रणसेवानेपांचवर्षपूर्वजारीधनसेनींववकुछदीवारेंखड़ीकी।धनसमाप्तिकेपांचवर्षबादशेष86लाखरुपयेनहींमिलसका।जोदीवारेखड़ीहैंउसकीईंटभीयहां-वहांखिसकने,निकलनेवटूटनेलगीहै।-भवननिर्माणकेलिएदूसरीकिस्तके86लाखरुपयेकेलिएमांगपत्रकेसाथरिपोर्टहरवर्षमाध्यमिकशिक्षानिदेशालयभेजीजातीहै।अभीचारदिनपूर्वफिरएकबाररिपोर्टभेजीगई।धनमिलतेहीनिर्माणशुरूहोजाएगा।

-उदयप्रकाशमिश्र,जिलाविद्यालयनिरीक्षक,कुशीनगर