आठ बजे तक विद्यालय नहीं पहुंचे थे चार शिक्षक

औरंगाबाद।विद्यालयोंकीस्थितिसुधरनहींहै।शिक्षाकाहालबेहालहै।प्रखंडकेमध्यविद्यालयपरिहाराकीस्थितिअत्यंतबदहालहै।यहांशिक्षकोंकादेरसेविद्यालयआनानियतिबनगईहै।शिक्षकहमेशादेरसेपहुंचतेहै।शिक्षामेंगुणात्मकसुधारकीबातबेमानीहै।शिक्षकसमयसेविद्यालयनहींआतेहैंजिसकारणछात्रदेरसेविद्यालयआतेहैं।मंगलवारकोजागरणटीमविद्यालयपहुंचीतोप्रधानाध्यापकरामध्यान¨सह,सहायकशिक्षकअर्जून¨सहएवंसुमित्राकुमारीउपस्थितमिले।पूछनेपरप्रधानाध्यापकनेबतायाकिविद्यालयमेंकुलसातशिक्षकहैं।चारशिक्षकअरूणकुमार,रंजनकुमार,वीरेंद्रकुमारएवंहुमायुद्दीनअंसारीविद्यालयनहींपहुंचेथे।सोचाजासकताहैकिविद्यालयमेंजबशिक्षकहीनहींहोंगेतोशिक्षणकार्यकैसेहोगी।आठबजेतकविद्यालयमें90छात्र-छात्राएंउपस्थितथे।प्रधानाध्यापकनेबतायाकिसाढ़ेआठबजेतकछात्रपहुंचतेहै।विद्यालयोंमेंनामांकितछात्रोंकीसंख्या-234है,जिसमे130छात्र-छात्राएंपहुंचतेहै।मध्याह्नभोजनभीतीनदिनोंसेबंदरहनेकेकारणबच्चेकमदिखरहेहैं।मध्याह्नभोजनबंदरहनेकाकारणचावलउपलब्धनहोनाहै।विद्यालयमेंशौचालयकाअभावहै।इसकेसाथहीबेंचकाअभावहैवैसीस्थितिमेंछात्रोंकोपरेशानीहोतीहै।ग्रामीणोंनेबतायाकिशिक्षकसमयसेविद्यालयनहींआतेहैंजिसकारणछात्रभीसमयपरजानापसंदनहींकरतेहै।पदाधिकारीभीजांचकेनामपरखानापूर्तिकरतेहै।प्रधानाध्यापकनेबतायाकिशौचालयनिर्माणहेतुसंबंधितअधिकारियोंकोसूचनादीगईहै।प्रधानाध्यापकनेबतायाकिशौचालयनिर्माणहोनाअतिआवश्यकहै।यहांछात्राओंकीसंख्याज्यादाहै।चावलउपलब्धहोनेपरमध्याह्नभोजनशुरूकियाजाएगा।