अहंकार व स्वार्थ से दूर रहे नेतृत्वकर्ता

जागरणसंवाददाता,बोकारो:सरस्वतीशिशुविद्यामंदिरसेक्टरदोएमेंविद्याविकाससमितिझारखंडकेप्राचार्यऔरप्रभारीप्राचार्यकीराज्यस्तरीयबैठकहुई।कार्यक्रमकाशुभारंभकरतेहुएउत्तरपूर्वक्षेत्रकेसंगठनमंत्रीख्यालीरामनेकहाकिविद्यालयबच्चोंकेआभामंडलकेअनुरुपसमाजमेंअपनेआपकोप्रतिस्थापितकरताहै।बच्चोंमेंसकारात्मकआभामंडलकाविस्तारहो,उसकीचमकबढ़े,इसदिशामेंकामकरनाचाहिए।बच्चोंमेंनेतृत्वक्षमताविकसितकरनेकाप्रयासकरनाचाहिए।नेतृत्वकर्ताकोलक्ष्यप्राप्तिकीदिशामेंसततप्रयत्नशीलरहनाचाहिए।साथहीउसेअहंकारएवंस्वार्थसेदूररहनाचाहिए।विद्याभारतीसमाजकेविभिन्नघटकोंकोजोड़नेएवंउनसेजुड़ेरहनेकाकार्यकरतीहै।संगठनकीप्रेरणासेहीकोईभीविद्यालयअस्तित्वमेंबनारहताहै।समाजकीआवश्यकताओंकेअनुरुपहीविद्यालयकेसंसाधनोंकाविकासहोनाचाहिए।विद्यालयसामाजिकचेतनाकाकेंद्रबने,ऐसीसोचहोनीचाहिए।उन्होंनेपूर्ववर्तीछात्रोंसेभीसंपर्ककरनेपरजोरदिया।ताकिउनकेमाध्यमसेसमाजकीसेवाविद्यालयकीजासके।

क्षेत्रीयसहसचिवनकुलकुमारशर्मानेकहाकिविद्यार्थियोंकासर्वागीणविकासजरूरीहै।प्राचार्यसहसंकुलप्रमुखदिनेशकुमारमिश्रनेअतिथियोंकास्वागतकिया।धन्यवादज्ञापनविद्यालयकेअध्यक्षडा.श्रवणकुमारनेकिया।

मौकेपरप्रांतीयसचिवअजयकुमारतिवारी,भारतीयसंस्कृतिज्ञानमंदिरट्रस्टकेअध्यक्षसिद्धेशनारायणदास,अमरकांतझा,रामावतारसाहु,डा.रमेशमणिपाठक,अखिलेशकुमार,ओमप्रकाशसिन्हा,राजेशप्रसाद,सुरेशमंडल,विवेकनयनपांडेय,पंकजकुमारमिश्र,तुलसीठाकुर,शिवकुमारसिंह,फूलकांतझा,डा.निरुपमाकुमारी,सहदेवचंद्रमेहता,कस्तूरीसिन्हा,राजेशकुमारपांडेय,कौशलकिशोर,प्रशांतआदिउपस्थितथे।