अपने विद्यालय की देखरेख करें : डीएसई

खूंटी:स्कूलगांवकाविद्यामंदिरहोताहै।इसलिएस्कूलकोमंदिरसमझकरसेसमयदें।इससेआपकीऔरआपकेबच्चोंकीमानसिकतामेंबदलावआएगा।विद्यालयआपकाहैऔरआपकोहीइसकीदेखरेखकरनीहै।यहबातजिलाशिक्षाअधीक्षकसुरेशचंद्रघोषनेगुरुवारकोकही।वेजिलास्तरीयविद्यालयविकासयोजनाकेतहतटाउनहॉलमेंआयोजितकार्यशालाकोसंबोधितकररहेथे।

कार्यशालाकाउद्घाटनमुख्यअतिथिजिलाशिक्षाअधीक्षकसुरेशचंद्रघोष,विशिष्टअतिथिनगरपंचायतउपाध्यक्षराखीकश्यप,प्रखंडशिक्षाप्रसारपदाधिकारीखूंटीप्रवीणसिन्हा,प्रखंडशिक्षाप्रसारपदाधिकारीमुरहूविजयकुमारएवंविद्यालयप्रबंधनसमितिकेसदस्योंनेसम्मिलितरूपसेदीपप्रज्वलितकरकिया।कार्यक्रमकेप्रारंभमेंलीड्सकेकार्यक्रमप्रबंधकमहेन्द्रकुमारनेकहाकिजबभीकोईकानूनबनताहै,तोउसकाउद्देश्यअच्छाहीहोताहै।हमलोगहीउसकानूनकोसमझनेएवंलागूकरानेमेंउदासीनरहतेहैं।शिक्षाकाअधिकारअधिनियम2009कोसकारात्मकनजरिएसेदेखनेकीजरूरतहै।विद्यालयकोसुचारूरूपसेचलानेकेलिएकईसारीचीजेंहोनीचाहिए,जैसेविद्यालयप्रबंधसमितिकोसमय-समयपरविद्यालयमेंहोनेवालीगतिविधियोंकाअनुश्रवणकरनाचाहिए।शिक्षाकाअधिकारकानूनकीपूरीजानकारीहोनीचाहिए।ग्रामसभाकेसदस्योंएवंस्थानीयपंचायतकेप्रतिनिधियोंकोभीविद्यालयमेंहोनेवालीगतिविधियोंकाअनुश्रवणकरनाचाहिए।बच्चोंकीउपस्थितिऔरशिक्षकोंकीउपस्थितिकीबीच-बीचमेंजांचकरनीचाहिए।मध्याह्नभोजनकीगुणवत्ताकीजांचकरनीचाहिए।अभिभावकोंकोअपनेबच्चोंसेविद्यालयमेंहोनेवालीगतिविधियोंकीजानकारीलेनीचाहिए।येसभीबातेंअगरसमुदायकरनेलगेतोस्वयंहीविद्यालयकीव्यवस्थासुधरजाएगी।

मुख्यअतिथिजिलाशिक्षाअधीक्षकनेकहाकिआपलोगहरमाहअभिभावकोंकीबैठकबुलाएं।उक्तबैठकमेंविद्यालयकीजरूरतोंऔरविद्यार्थियोंकीसमस्याओंपरविचारविमर्शकरें।विद्यालयसेअपनीआत्मासेजुड़ें।उन्होंनेकहाकिविद्यालयमेंजोजर्जरभवनयाकमरेहैंउन्हेंविभागकीओरसेध्वस्तकरनेकानिर्देशदियागयाहै।इसकेलिएआपलोगप्रबंधनसमितिकीबैठककरप्रस्तावरखेंऔरनिर्णयलेकरजर्जरभवनकोध्वस्तकरादें।कार्यशालाकोनगरपंचायतउपाध्यक्षराखीकश्यप,प्रवीणकुमारसिन्हावविजयकुमारनेभीसंबोधितकिया।कार्यशालामेंप्रमुखरूपसेमहेंद्रकुमार,पारसनाथ,आनंदत्रिपाठी,समीशशर्मावआशुतोषजायसवालसमेतजिलेकेविभन्नप्रखंडोंसेआएविद्यालयप्रबंधनसमितिकेसदस्यएवंअभिभावकउपस्थितथे।