Aurangabad News: स्कूलों के लैब में धूल फांक रहे कंप्यूटर, बिना शिक्षक के कैसे पढ़ेंगे छात्र

औरंगाबाद,जागरणसंवाददाता। जिलेकेहाईस्कूलोंकेकंप्यूटरलैबमेंकंप्यूटरधूलफांकरहेहैं।छात्रकंप्यूटरशिक्षालेनेसेवंचितरहजारहेहैं।कारणकहींशिक्षकोंकाअभावहैतोकहींलैबका।बतादेंकिस्कूलोंमेंनौवींऔरदसवींसेलेकरकालेजोंतकमेंकंप्यूटरकीशिक्षाअनिवार्यहै।सरकारनेस्कूलोंमेंकंप्यूटरलैबबनादिए,मगरइनस्कूलोंमेंकंप्यूटरशोभाकीवस्तुबनकररहगईहै।जिलेकेअधिकतरस्कूलोंमेंकंप्यूटरटीचरकेपदखालीपडे़हैं।

टीचरकीबहालीकेलिएएमटेकऔरबीटेककरकेभीबेरोजगारयुवकदर-दरभटकरहेहैं।सरकारनेकंप्यूटरलैबबनायाथा,ताकिसरकारीस्कूलकेबच्चोंकोभीकंप्यूटरकीजानकारीदीजाए।यहांकंप्यूटरअबतकऐसेहीढंककररखेहुएहैंजैसेआएथे,क्योंकिसरकारनेकभीकंप्यूटरशिक्षककीनियुक्तिकीहीनहीं। यहबड़ासवालहैकिबच्चेकंप्यूटरकीपढ़ाईमेंक्यालिखतेहैं।कौनउनकीकापियांजांचताहैऔरउन्हेंक्यानंबरमिलतेहैं।अबतकदर्जनोंसेज्यादाकंप्यूटरोंकीचोरीकेमामलेसामनेआचुकेहैंऔरजोबचेहैंइनमेंसेज्यादातरबदहालअवस्थामेंहै।

उच्चविद्यालयोंकीस्थितिबदतर

माध्यमिकवउच्चमाध्यमिकस्कूलोंकेछात्रोंकोकंप्यूटरकीशिक्षानहींमिलरहीहै।कंप्यूटरकीशिक्षाउच्चविद्यालयस्तरपरसरकारद्वाराशुरूकीगईथी,लेकिनप्रशासनिकवविभागीयउदासीनता,पर्याप्तजागरूकताकेअभावमेंयहयोजनाअपनेउद्देश्यकोपूराकरपानेमेंसफलनहींहोपाईहै।कंप्यूटरशिक्षाकीस्थितिइसतरहबदहालहैकिकहींकंप्यूटरहैतोशिक्षकनहीं,शिक्षकहैतोकंप्यूटरनहीं।अत्यधिकविद्यालयोंमेंशिक्षककेअभावमेंकंप्यूटरधूलफांकरहाहै।सरकारकातमामयोजनाविद्यालयकेकमरेमेंदफनहोगई।एकभीछात्र-छात्राएंकंप्यूटरकाशिक्षानहींलेसकें।शहरकेटाउनइंटरउच्चविद्यालयकेप्रभारीप्रधानाध्यापकब्रजकिशोरसिंहनेबतायाकिइसविद्यालयमेंदोकंप्यूटरउपलब्धहै।लेकिनकम्प्यूटरशिक्षकनहींहोनेकेकारणपढ़ाईनहींहोपारहीहै।

विभागसेकईबारकंप्यूटरशिक्षककीमांगकीगई,परंतुपदस्थापितनहींकरायागया।वहीं,मदनपुरप्रखंडकेउच्चविद्यालयवारकेशिक्षकपरशुरामकुमारनेबतायाकिकरीबवर्ष2008-09मेंएकदर्जनकंप्यूटरउपलब्धकरायागयाथा।उसवक्तएकशिक्षकपदस्थापितथे,परंतुउन्हेंयहांसेहटादियागया।वहकंप्यूटरमृतप्रायहोगयाहै।अभीविद्यालयमेंएककंप्यूटरकार्यकररहाहै।विद्यालयमेंकोईसंबंधितशिक्षकनहींहैं।एकदोजानकारशिक्षकबच्चोंकोपढ़ारहेहैं।बतादेंकियहस्थितिएकदोविद्यालयकीनहींबल्कि80प्रतिशतविद्यालयकीहै।अधिकतरविद्यालयमेंसंबंधितशिक्षकनहींहै।