औरंगाबाद में एक ऐसा भी स्‍कूल, कागज में कहीं तो धरती पर कहीं और ...मामला जान हैरान हो जाएंगे आप

औरंगाबाद,जागरणसंवाददाता।सरकारीस्कूलोंकीपुरानीइमारतोंकेबुनियादीढांचेमेंविस्तारलानेकेलिएउच्चशिक्षाविभागकीतरफसेकोईकार्रवाईनहींकीजारहीहै।जोगरीबबच्चेसरकारीस्कूलोंमेंशिक्षाहासिलकरनेपहुंचतेहैं,उनकीजिंदगीपरहमेशाजर्जरस्कूलीइमारतोंकाखतरामंडरातारहताहै।कुछइसीतरहसेदाउदनगरमेंएकविद्यालयहै,जिसकानाममध्यविद्यालयमोलाबागहै।आपजानहैरानहोजाएंगेकियहस्‍कूलकागजमेंकहींतोधरतीपरकहींऔरचलताहै।

स्कूलजहांचलरहीहै,वहांकीजर्जरइमारतभीमासूमोंकीजिंदगीकेलिएखतराबनीहुईहै।दशकोंपुरानीस्कूलीइमारतकासमयपरविस्तारीकरणनहोनेसेमौजूदासमयमेंयहइमारतबेकारबनतीजारहीहै।बारिशकेमौसममेंछतसेपानीटपकनेलगताहैऔरदीवारोंपरकीगईसीमेंटकीपोताईभीउखड़रहीहै।यहीनहींदीवारोंकेखोखलेहोनेसेहरसमयइसइमारतकेध्वस्तहोनेकाखतराबनारहताहै।

नामकहींऔरकाचलताहैअन्यस्थानपर

दाउदनगरशहरमेंएकऐसाविद्यालयहैजोजगहकानामकहींऔरअंकितहैपरचलताहैअन्यजगहपर।इसविद्यालयकानाममध्यविद्यालयमौलाबागहै,लेकिनमौलाबागमेंइसकासंचालननहींहोताहै,बल्किदाउदनगरगयारोडमेंपुरानाअनुमंडलकार्यालयकेपासजर्जरभवनमेंइसकासंचालनकियाजारहाहै,जिसमेंकरीब300विद्यार्थीनामांकितहैं।

जबलियागयाजायजा

जागरणटीमराजकीयमध्यविद्यालयमौलाबाग(पुरानाअनुमंडलकार्यालयकेनिकट)पहुंची,जहांकाजायजालियागया। विद्यालयकाअपनाभवननहींहै।विद्यालयअभीतकभवनहीनहै,जिसभवनमेंविद्यालयचलरहाहै,वहपूरीतरहजर्जरहोगयाहै।पुरानाअनुमंडलकार्यालयकेपासजिसभवनमेंयहविद्यालयचलरहाहै,वहकाफीजर्जरहोचुकाहै।वहइसकदर जर्जरहोगयाहैकिकभीभीगिरसकताहै।शौचालयभीनहींहै,चहारदीवारीभीनहींहैजहाँ करीब300विद्यार्थीनामांकितहैं।फिलहालतोकोरोनाकेवजहसेबंदचलरहाहैजबचालूरहताहैतोउपस्थितिभीबहुतकमरहतीहै।विद्यालयकेपासप्रखंडसंसाधनकेंद्रभीहै।जहांशिक्षाविभागकेप्रखंडस्तरीयपदाधिकारीबैठतेहैं।जर्जरताकीओरकिसीकाध्याननहींहै।बतायागयाकिट्रेनिंगकॉलेजतरारकेमैदानपरमुख्यमंत्रीसेलेकरअनेकोंनेताभाषणकरचलेगए,लेकिनइसविद्यालयकीस्थितिदिनप्रतिदिनऔरजर्जरहीहोतीजारहीहै।