बेटियों के लिए जिले में खुलेगा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय

जितेंद्रकुमार,औरैया:सरकारबेटियोंकीपढ़ाईकोलेकरफिक्रमंदहै।इससोचकेसाथकिबच्चियांशिक्षितहोंगीतभीसमाजमेंबड़ाबदलावसंभवहै।इसकोवास्तविकताकेधरातलपरसाकारकरनेकेलिएबालिकाशिक्षापरविशेषध्यानदियाजारहाहै।जिलेमेंग्रामीणक्षेत्रकीगरीबबालिकाएंशिक्षितहोसकेंइसकेलिएजल्दीहीकस्तूरबाआवासीयविद्यालयकीस्थापनाकीजानीहै।इसकेलिएबिधूनामेंजमीनतलाशीजारही।लगभगपांचएकड़मेंविद्यालयबनेगा।

आमतौरपरदेखनेमेंआताहैकिगरीबघरकीबेटियांगांवकेपरिषदीयस्कूलमेंकक्षाछहतककीपढ़ाईकरघरबैठजातीहैं।तमामस्थानोंपरगांवसेहाईस्कूलयाइंटरकालेजकाफीदूरहोतेहैं।इसस्थितिमेंअभिभावकभीबेटियोंकोस्कूलभेजनापसंदनहींकरतेहैं।यहीवजहहैकितमामबालिकाएंसीमितपढ़ाईहीकरपातीहैं।सरकारचाहतीहैकिबेटियोंकीपढ़ाईपरकोई'ग्रहण'नलगे।इस

दिशामेंकस्तूरबागांधीआवासीयछात्रावासविद्यालयपरजोरदियाजारहाहै।आठवींतकसंचालितइनविद्यालयोंकोसमग्रशिक्षाअभियानकेतहत10वींव12वींमेंतब्दीलकियाजारहातोजनपदमेंइसकीनींवरखनेकीयोजनाबनाईगईहै।बिधूनातहसीलमेंपहलाविद्यालयखोलाजाएगा।जोबेटियोंकीशिक्षामेंएकमीलकापत्थरसाबितहोगा।जिलाबेसिकशिक्षाअधिकारीचन्दनारामइकबालयादवकाकहनाहैकिकस्तूरबागांधीआवासीयविद्यालयकोलेकजमीनतलाशीजारहीहै।जल्दसपनासाकारहोगा।

जिलेमेंसरकारीविद्यालय:

बेसिकशिक्षामें1265परिषदीयस्कूलहैं।इसमेंप्राथमिक800व249कंपोजिटऔरउच्चप्राथमिकविद्यालय216हैं।माध्यमिकमें15राजकीयकालेज,60सहायताप्राप्तव215वित्तविहीनस्कूल।