भारत जब किसी से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है वह किसी तीसरे के खिलाफ नहीं होता: मोदी

संयुक्तराष्ट्र,26सितंबर(भाषा)प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेशनिवारकोकहाकिभारतजबकिसीदूसरेदेशसेदोस्तीकाहाथबढ़ाताहैतोवहकिसीतीसरेदेशकेखिलाफनहींहोता।संयुक्तराष्ट्रमहासभाके75वेंसत्रकोसंबोधितकरतेहुएमोदीनेकहा,‘‘भारतजबविकासकीसाझेदारीमजबूतकरताहै,तोउसकेपीछेकिसीसाथीदेशकोमजबूरकरनेकीसोचनहींहोती।हमअपनीविकासयात्रासेमिलेअनुभवसाझाकरनेमेंकभीपीछेनहींरहते।’’इसबारसंयुक्तराष्ट्रमहासभाकीयहबैठकमुख्यरूपसेडिजिटलमाध्यमसेहोरहीहै।कोरोनावायरसमहामारीकेमद्देनजरविश्वकेअधिकतरनेताओंनेन्यूयॉर्कपहुंचनामुनासिबनहींसमझा।उन्होंनेकहाकिचाहे‘‘नेबरहुडफर्स्टपॉलिसी’’सेलेकर‘‘एक्टईस्टपॉलिसी’’होयाफिरहिंद-प्रशांतक्षेत्रपरविचार,भारतनेहमेशापूरीमानवजातिकेहितकेबारेमेंसोचाहै,नकिअपनेनिहितस्वार्थोंकेबारेमें।उन्होंनेकहा,‘‘भारतकीसाझेदारीकरनेकामार्गदर्शनभीयहीसिद्धांततयकरताहै।भारतजबकिसीदेशसेदोस्तीकाहाथबढ़ाताहै,तोवोकिसीतीसरेदेशकेखिलाफनहींहोता।भारतजबविकासकीसाझेदारीमजबूतकरताहै,तोउसकेपीछेकिसीसाथीदेशकोमजबूरकरनेकीसोचनहींहोती।’’उन्होंनेकहा,‘‘हमअपनीविकासयात्रासेमिलेअनुभवसाझाकरनेमेंकभीपीछेनहींरहते।’’मोदीनेइसअवसरपरकहाकिभारतनेदोअक्टूबरकोअंतरराष्ट्रीयअहिंसादिवसऔर21जूनकोअंतरराष्ट्रीययोगदिवसकीपहलकीथी।इतनाहीनहीं,आपदाऔरअंतरराष्ट्रीयसोलरअलायंससेजुड़ेप्रयासोंकीपहलभीभारतनेहीकी।