भगवान से भी ऊपर का दर्जा गुरु का

मोतिहारी।विधानपार्षदराजेशकुमारउर्फबब्लूगुप्तानेकहाकिकोईभीबदलावसमाजकीहिस्सेदारीकेबिनासंभवनहींहै।सरकारविकासकातानाबानातैयारकरसकतीहै,मगरउसेअंजामतकपहुंचानेमेंसमाजकीमहत्वपूर्णभूमिकाहोतीहै।रहीबातशिक्षणसंस्थानोंकीतोआजभीसरकारीविद्यालयोंकेछात्रअपनीमेधाकापरिचयराष्ट्रीयस्तरपरदेरहेहैं।बड़ेप्रतियोगीपरीक्षाओंमेंइनकीसंख्याअच्छी-खासीहोतीहै।वैसेभीगुरुकादर्जाभगवानसेऊपरहोताहै।श्रीगुप्तागुरुवारकोशहरकेप्रतिष्ठितगोपालसाहप्लसटूविद्यालयकेस्थापनाशताब्दीसमारोहमेंबोलरहेथे।उन्होंनेविद्यालयकेविकासकेलिएसबसेआगेआनेकाआह्वानकिया।समारोहकाउद्घाटनविधानपार्षदकेदारनाथपांडेयसहितअन्यअतिथियोंनेदीपप्रज्वलितकरकिया।अध्यक्षताविधानपार्षदश्रीगुप्तानेकी।प्लसटूस्तरतकपहुंचचुकेइसविद्यालयकाशिक्षाकेक्षेत्रमेंएकअलगमुकामहै।इसकीस्थापनावर्ष1917मेंहुईथी।स्थापनाकेसौवर्षपूरेहोनेपरआयोजितइससमारोहकेउद्घाटनसत्रमेंबोलतेहुएविधानपार्षदकेदारनाथपांडेयनेइसविद्यालयकीउपलब्धियोंपरप्रकाशडालतेहुएकहाकिसबकेप्रयाससेयहविद्यालयशिक्षाकेक्षेत्रकेऔरबेहतरस्थानप्राप्तकरेगा।आगतअतिथियोंकास्वागतकरतेहुएप्राचार्यमदनप्रसादनेउपलब्धियोंएवंसमस्याओंकीचर्चाकरतेहुएकहाकिमुझेविश्वासहैकिइसविद्यालयकेविकासमेंऔरनामजुड़ेंगे।अतिथियोंकास्वागतपुष्पगुच्छएवंशॉलप्रदानकरकियागया।संचालननजिउल्लाहखानएवंधन्यवादज्ञापनसुशीलकुमारतिवारीनेकिया।कार्यक्रममेंसुरेशचंद्रप्रसाद,बजरंगीनारायणठाकुर,चंद्रभूषणपांडेय,हरिशंकरचौधरी,सीतारामयादव,विजयकुमार,रामनाथसुमन,ममतारानीआदिनेभीअपने-अपनेविचारव्यक्तकिए।मौकेपरशिक्षकचितरंजनकुमार,ललनकुमार,र¨वद्रराय,रंजनाबनर्जी,उषाकिरणसहितबड़ीसंख्यामेंछात्र-छात्राएंउपस्थितथीं।कार्यक्रममेंकेंद्रीयकृषिएवंकिसानकल्याणमंत्रीराधामोहन¨सहकीओरसेविद्यालयकोचारआरओसेटभेंटकियागया।वहींसंध्यासत्रमेंकविसम्मेलनकाभीआयोजनकियागया।