छपरा में शिक्षा का बुरा हाल, स्‍कूल में शिक्षक के बिना धूल फांक रहे कंप्‍यूटर; लाइब्रेरी भी सुनी पड़ी

जागरणसंवाददाता,छपरा।शहरकेपश्चिमक्षेत्रमेंस्थितराजेंद्रकालेजिएटप्लसटूविद्यालयनेचारआईएएसएवंआईपीएसदियाहै।वर्ष1940मेंस्थापितयहविद्यालयअबअपनीपुरानीशैक्षणिकविरासतकोखोरहाहै।विद्यालयमेंप्लसटूतकपढ़ाईहोतीहै।लेकिन,यहांप्रयोगशालातकनहींहै।विद्यालयमेंनौवींकक्षामेंछहसौ25एवंदसवींकक्षामेंसातसौआठविद्यार्थीहै।विद्यालयमें75प्रतिशतभीउपस्थितहोजाएंतोक्लासरूममेंखड़ाहोनेकाजगहनहींरहेगा।

क्लासरूमकीकमीनहीं,कार्टूनमेंपैकहैलैबकेउपकरण

राजेंद्रकालेजिएटस्कूलमेंक्लासरूमकेअभावमेंप्रयोगशालासंचालितनहींहोताहै।प्रयोगशालामदमेंशिक्षाविभागसेमिलेछहलाखरूपयेसेतोउपकरणकीखरीदकीगईहै।लेकिनवहकार्टूनमेंपैककरकेकेरखागयाहै।क्लासरूमएवंप्रयोगशालाकक्षबनानेकोलेस्कूलप्रबंधनशिक्षाविभागसेपत्राचारकरनेमेंजुटाहै।

व्यवस्थितहैलाइब्रेरी,पुस्तककीहैकमी

विद्यालयमेंलाइब्रेरीतोव्यस्थितहै।पुस्तकालयमेंपुस्तकभीकमहै।लेकिनछात्र-छात्राओंकोनियमितपुस्तकदियाजाताहै।अधिकांशकप्यूटरचालूहालतमेंहैं,लेकिनशिक्षककेनहींरहनेकेकारणयहांकंप्यूटरकीकक्षाएंभीनहींहोताहै।लाइब्रेरीकीस्थितिभीबदहालहै।खेलमैदानभीपूरीतरहसेबदहालहै।

प्लसटूमेंसभीविषयोंकेशिक्षकनहीं

राजेंद्रकालेजिएटप्लसटूविद्यालयमेंसभीविषयोंमेंशिक्षकनहींहै।माध्यमिकमें16शिक्षकहै।जबकिप्लसटूमेंनौशिक्षकहै।प्लसटूमेंसंस्कृत,उर्दू,हिन्दी,अंगेजी,मनोविज्ञान,गणितएवंकंप्यूटरसाइंसविषयमेंशिक्षकनहींहै।वहींमाध्यमिकमेंउर्दूविषयमेंशिक्षकनहींहै।

पूर्ववर्तीछात्र

-वत्सपुरूषोतम,आइएफएस,1949

-आशोककुमारपांडेय,आइएएस,1945

-अनिलकुमारपांडेय,आइपीएस,1956

-वजिरूलहक,पीएचईडीमेंअधिकारी,1960

-मुुकुंदप्रसद,मुख्यसचिव

राजेंद्रकालेजिएटएकनजरमें

-राजेंद्रकालेजिएटप्लसटूविद्यालय:स्थापना-1940

-हाईस्कूलमेंशिक्षक-16

-प्लसटूमेंशिक्षक-09

-स्‍मार्टक्लासरूम-02

-कंप्यूटरकक्ष-01

-नौवीकक्षामेंनामांकन-625

-दसवींकक्षामेंछात्र-708

प्लसटूमेंनामांकन

-विज्ञानसंकाय-215

-वाणिज्यसंकाय-46

राजेंद्रकालेजिएटप्‍लसटूविद्यालयछपराकेप्राचार्यरामायणप्रसादनेकहाकिविद्यालयमेंनियमितवर्गसंचालितहोतीहै।क्लासरूमकीकमीहै।वर्गकक्षकोलेप्रयासकियाजारहाहै।लैबभीकमरेकेअभावमेंव्यस्थिततरीकेसेसंचालितनहींपारहाहै।कंप्यूटरशिक्षकभीअभावहै।