दूसरे से फैसला लिखवाने वाले जज की बर्खास्तगी पर मुहर

नईदिल्ली।।अभीतकसाहित्यिकसंसारमेंगोस्टराइटरयानीदूसरेसेकिताबलिखवानेकाचलनआमहुआकरताथा,लेकिनशायदयहपहलामामलाहैजबभारतकेजुडिशरीसिस्टममेंभीअपनाफैसलाकिसीदूसरेसेलिखवानेकीबातसामनेआईहै।झारखंडकेएकट्रायलकोर्टकेजजकोकिसीदूसरेसेअपनाफैसलालिखवानेकेआरोपमेंबाहरकारास्तादिखादियागयाहै।सुप्रीमकोर्टनेगुरुवारकोदूसरेसेफैसलालिखवानेवालेझारखंडकेएकसबोर्डिनेटजजकोहटानेकेआदेशपरअपनीमुहरलगादी।झारखंडमेंगढ़वाजिलेकेसबोर्डिनेटजजअजितकुमारको2003मेंगवर्नरनेहाईकोर्टकीसिफारिशपरकदाचारकेआरोपमेंपदसेहटादियाथा।अजितकुमारनेइसआदेशकोसुप्रीमकोर्टमेंयहकहतेहुएचुनौतीदीथीकिहाईकोर्टकोउसेहटानेकीसंस्तुतिकरनेकाअधिकारहीनहींहै।इसमेंउन्होंनेयहभीकहाथाकिबगैरजांचकेउन्हेंपदसेहटायाजानागैरकानूनीऔरअसंवैधानिकहै।जस्टिसमुकुंदकमशर्माऔरजस्टिसअनिलआरदवेबेंचनेअजितकुमारकीसारीदलीलेंखारिजकरतेहुएकहाकिसबोर्डिनेटजूडिशरीमेंन्यायपालिकाकेउच्चमानदंडकायमरखनेकाकामहाईकोर्टकाहै।अगरकोईव्यक्तिन्यायिकसेवामेंरहनेलायकनहींहैयावहकदाचारकादोषीपायाजाताहैतोनिर्धारितकानूनीप्रक्रियाद्वाराउसेपदसेहटायाजासकताहै।बेंचनेकहाकिहाईकोर्टमेंनियुक्तियांगवर्नरहाईकोर्टसेसलाहमशविरेकेबादकरतेहैं।ऐसेमेंगवर्नरकोअकेलेभीपदसेहटानेकाआदेशदेनेकाअधिकारहैऔरवहहाईकोर्टकीसिफारिशपरभीऐसाआदेशपारितकरसकतेहैं।बेंचनेकहाकिवैसेतोसरकारीकर्मचारीकोजांचकेबगैरवसफाईकामौकादिएबिनापदसेनहींहटायाजासकता।लेकिनसंविधानकेअनुच्छेद311(2)मेंअपवाददियागयाहै।जिसमेंकहागयाहैकिअगरजांचकरनाव्यावहारिकनहींहैतोबिनाजांचकेभीपदसेहटानेकाआदेशपारितकियाजासकताहै।गौरतलबहैकिझारखंडहाईकोर्टकेएकजांचकरनेवालेजज5मई2003कोनिरीक्षणदौरेपरगढ़वाकोर्टगएथे।वहांउन्हेंजजअजितकुमारद्वारादिएगएफैसलेकुछअजीबलगे।उन्होंनेऑफिशलरिकॉर्डकीजांचकीऔरअपनीरिपोर्टहाईकोर्टकेचीफजस्टिसकोभेजी।जांचकर्ताजजनेअपनीरिपोर्टमेंकहाकिअजितकुमारअपनेफैसलेखुदनहींलेतेबल्किफैसलासुनानेसेपहलेवहकिसीदूसरेव्यक्तिसेकेसकाफैसलालिखवातेहैं।