एम्स में चिकित्सक बने बेटे मोहित ने किया नाम रोशन

संवादसहयोगी,महेंद्रगढ़:

जबमनमेंकुछकरगुजरनेकालक्ष्यनिर्धारितहोतोसफलताअवश्यमिलहीजातीहै।कुछइसीप्रकारकाजज्बादिखातेहुएअपनेलक्ष्यकेप्रतिकेंद्रितरहतेहुएजिलाकेगांवडिगरोतानिवासीमोहितनेअखिलभारतीयआर्युविज्ञानसंस्थान(एम्स)दिल्लीमेंसर्जिकलओनकोलॉजीमेंचयनितहोनेमेंसफलताप्राप्तकी।शल्यचिकित्साकैंसरविभागमेंवेलोगोंकाउपचारकरेंगे।इसउपलब्धिपरनकेवलमोहितकोबल्किउनकेमातापिताऔरपरिजनोंकोभीबधाईदेनेवालोंकातांतालगाहुआहै।महेंद्रगढ़स्थितयदुवंशीशिक्षानिकेतनसे12वींकक्षातककीपढ़ाईकरतेहुएअपनेभविष्यकीनींवतैयारकरनेवालेमोहितकाकहनाहैकियहउपलब्धिमातापिताकेआशीर्वादकेसाथस्कूलप्रबंधनकाबेहतरमाहौलऔरगुरुजनोंकाकुशलमार्गदर्शनसेसंभवहुआहै।विद्यालयकेचेयरमैनरावबहादुरसिंहकहतेहैंकिओनकोलॉजिस्टबननेकेलिएदाखिलाप्रक्रियाआसाननहींहै।इसमेंपूरेभारतमेंमात्रआठविद्यार्थियोंकाचयनहोताहैजिसमेंमोहितनेपांचवांरैंकहासिलकरअपनीप्रतिभाकालोहामनवाया।विद्यालयकेप्राचार्यविनोदकुमारबतातेहैंकिमोहितविद्यालयमेंमेडिकलसंकायकाहोनहारछात्ररहाहै।मोहितनेस्वाध्याय,लगनवपरिश्रमकेबलपरअच्छेअंकोंकेसाथविद्यालयसेबारहवींकक्षापासकी।मोहितनेअपनीसफलताकाश्रेयअपनेमाता-पिता,दादासहितपरिवारवअपनेगुरुजनोंकोदियाहै।होनहारयुवककेपितामूलचंदशर्मानेबतायाकिमोहितकाबड़ाभाईललितएमएससेंटर्ससर्जनतथादोबहनेमेडिकलविभागमेंकार्यरतहैं।इसमेंमाधुरीशर्मादंतचिकित्सकहैं।इनकीमातागृहिणीहै।यदुवंशीग्रुपकेवाइसचेयरमैनएडवोकेटकर्णसिंहयादवनेमोहितकोबधाईदेतेहुएविद्यालयकेसाथक्षेत्रकेलिएबड़ीउपलब्धिबताया।इसअवसरपरउपप्राचार्यनत्थूसिंहवअध्यापकोंनेभीमोहितकोबधाईदी।