..जांच का पर्चा मिलते ही बढ़ जाता है दर्द

बलरामपुर:जिलाबननेके23सालबादभीआधीआबादीकादर्दकमनहींहोसकाहै।जिलामहिलाअस्पतालमेंगर्भवतीकीजांचकीसुविधानहींहै।अल्ट्रासाउंडमशीनउपलब्धहोनेकेबादभीसंचालनशुरूनहींहोसकाहै।वजह,चिकित्सकचहेतेपैथोलॉजीकापर्चामरीजोंकोथमादेतेहैं।जहांजांचकेनामपरमरीजसेमनमानीरकमवसूलकीजातीहै।सूत्रकीमानेंतोनिजीकेंद्रोंकेसंचालकचिकित्सकोंकोआकर्षकउपहारवमोटाकमीशनदेतेहैं।दूसरीतरफगर्भवतीकोनिजीकेंद्रोंपर550रुपयेचुकानेकेसाथघंटोंइंतजारकरनापड़ताहै।जोउनकेदर्दकोऔरबढ़ादेताहै।अप्रशिक्षितकररहेअल्ट्रासाउंड:नगरसमेतग्रामीणक्षेत्रोंमें50सेअधिकपैथोलॉजीवअल्ट्रासाउंडकेंद्रस्वास्थ्यविभागकेरहमोंकरमपरफल-फूलरहेहैं।अधिकांशकेंद्रोंपररेडियोलॉजिस्टनहींहैं।ऐसेमेंअप्रशिक्षितचिकित्सकमरीजोंकाअल्ट्रासाउंडकरउनकीजिदगीसेखिलवाड़करतेहैं।जिलामेमोरियलवमहिलाअस्पतालकेनिकटतीन-चारकेंद्रोंपरअल्ट्रासाउंडकियाजाताहै।हरकेंद्रसंचालकचिकित्सकोंसेसाठगांठकरमलाईकाटरहेहैं।सातसालसेठपहैजांच:

जिलामहिलाअस्पतालमें150से200मरीजोंकीओपीडीहोतीहै।चिकित्सकयहांप्रतिदिन40से50गर्भवतीकोअल्ट्रासाउंडजांचलिखतेहैं।वर्ष2013सेहीअल्ट्रासाउंडसुविधाठपहोनेसेगर्भवतीकोनिजीकेंद्रपरजानापड़ताहै।हरमाहऔसतन300प्रसवहोतेहैं।इसकेपहलेगर्भवतीकोहरतीनमाहपरअल्ट्रासाउंडकरानाजरूरीहोताहै,लेकिनउन्हेंभीनिजीसंचालकोंकीलूटकाशिकारहोनापड़ताहै।पांचकेंद्रहुएथेसीज:

सितंबरमेंजिलेकीतीनोंतहसीलोंमेंअभियानचलाकरपांचमानकविहीनकेंद्रसीजकिएगएथे।उतरौलातहसीलमेंआठकेंद्रोंकीजांचकीगईथी,जिसमेंरेहराबाजार,गैंड़ासबुजुर्गवसादुल्लाहनगरमेंएक-एककेंद्रसीजकिएगए।इसीतरहतुलसीपुरमेंभीआठकेंद्रोंकीजांचकरएकवसदरमेंएककेंद्रकोसीजकियागयाथा।इसकेबादअफसरोंनेकेंद्रोंकीजांचकरनेकीजहमतनहींउठाई।

जल्दशुरूहोगीसुविधा:

मुख्यचिकित्साधीक्षकडॉ.विनीतारायकाकहनाहैकिअल्ट्रासाउंडमशीनमिलगईहै।शीघ्रहीमरीजोंकोअस्पतालमेंयहसुविधामिलनेलगी।