झारखंडी कला-संस्कृति की हो रही उपेक्षा

सिमडेगा:अखिलभारतीयसांस्कृतिकविकासमहासंघकीबैठकगुरुवारकोहुई।बैठकमेंविशेषरूपसेउपस्थितकेप्रदेशअध्यक्षएवंफिल्मनिर्देशकतपनकुमारघोषनेकहाकिझारखंडकीगठनझारखंडीकलासंस्कृति-साहित्यआदिकेसमुचितविकासएवंसंरक्षणकेलिएहुआथा।लेकिनऐसानहीहोरहाहै।सरकारअपनेनौकरशाहकेसंगतमेंआकरझारखंडीकलाकारों,साहित्यकारोंकीउपेक्षाकररहीहै।यहांझारखंडफिल्ममहोत्सवकाआयोजनहोताहै,लेकिनझारखंडीनिर्देशकों,निर्माताओं,कलाकारों,द्वारानिर्मितफिल्मेंनहींदिखायाजाताहै।जिसकेकारणयहांकेफिल्मकार-कलाकारआदिकीप्रतिभाप्रभावितहोरहीहै।जबकिदूसरीओरझारखंडफिल्मनीतिकालाभबाहरीलोगउठानेमेंसबसेआगेहैं।प्रदेशसचिवगणेशलोहारनेकहाकिझारखंडकीमाटीमेंकला-संस्कृतिरची-बसीहै।जोकिपूर्णरूपसेदेशजहैं।लेकिनकुछलोगहमारीकला-संस्कृतिकोदबानेकाप्रयासकररहेहैं।बैठककीअध्यक्षताकरतेहुएसिमडेगाकेवरिष्ठरंगकर्मीएवंगायकएवंअखिलभारतीयसांस्कृतिकविकासमहासंघकेप्रदेशउपाध्यक्षसत्यव्रतठाकुरनेकहाकिभारतीयसंस्कृतिसहितझारखंडीकला-संस्कृति-साहित्यकोसंरक्षितकरतेहुएप्रतिभाकोमंचप्रदानकरनेहेतुअभासांस्कृतिकविकासमहासंघवर्ष1995सेकार्यरतहैऔरवर्ष2020मेंमहासंघरजतजयंतीधूमधामसेमनाएगी।सिमडेगाकानयाजिलाअध्यक्षनियुक्तकरजल्दसेजल्दजिलामहासंघकापूर्णगठनकरलियाजाएगा।बैठकमेंप्रदेशमहासचिवमार्शलबारला,सुभाष,अशोक,पीटर,प्रकाशमिश्रआदिउपस्थितथे।