कागजों तक सिमटा गांवों का विकास

गोंडा:मिशनअंत्योदययोजनाकेतहतचयनितगांवोंकाविकाससिर्फकागजोंतकसिमटकररहगयाहै।गांवचयनकेबादठंडेबस्तेमेंडालदियागयाहै।नतोकार्ययोजनाबनीऔरनहींकोईबजटमिला।जबकिसरकारने1000दिनमेंगांवकोगरीबीसेमुक्तकरनेकाप्लानबनायाहै।

केंद्रसरकारनेविकासकीरेसमेंपिछड़ेगांवोंकोअव्वलबनानेकेलिएमिशनअंत्योदययोजनाशुरूकीथी।इसकेतहतचयनितगांवोंकोगरीबीसेमुक्तकियाजानाहै।जिलेमेंनिर्धारितलक्ष्यकेअनुसार192गांवोंकाचयनदिसंबरमाहमेंकियागयाथा।चयनितगांवोंमेंविकासकार्यक्रमोंकासंचालनप्राथमिकताकेआधारपरकरनेकेसाथहीरोजगारउपलब्धकराएजानेहैं।गत30दिसंबरकोडीएमनेसभीविभागोंकेअधिकारियोंकोपत्रजारीकरकेनिर्धारित¨बदुओंपरकार्यवाहीकरकेकार्ययोजनाबनानेकेआदेशदिएथे।इसकेबादसारीकवायदसिर्फकागजोंमेंहीसिमटगयी।तीनमाहबीतनेकेबावजूदनतोकार्ययोजनाबनीऔरनहीकोईविकासकार्यहुआ।परियोजनानिदेशकडीआरडीएवीरपालकाकहनाहैकिकार्ययोजनाबनानेकेलिएअधिकारियोंकोपत्रभेजागयाथा।अभीतककार्ययोजनाक्योंनहींबनी?इसकेलिएसंबंधितसेजवाबमांगाजाएगा।