कानपुर : हैलट इमरजेंसी में पांच माह से जांचें ठप, किट की वहज से बढ़ी समस्या, बाहर मरीजों की कट रही जेब

कानपुर,जागरणसंवाददाता।जीएसवीएममेडिकलकालेजकेएलएलआरअस्पताल(हैलट)कीइमरजेंसीबदहालहै।यहांगंभीरमरीजोंकीजरूरीजांचेंनहींहोरहीहैं।इमरजेंसीप्रोटोकालमेंइलाजशुरूकरनेसेपहलेएचआइवी,हेपेटाइटिसबी(एचबीएसएजी)औरहेपेटाइटिससी(एचसीवी)कीजांचजरूरीहै,लेकिनपांचमाहसेजांचेंठपहैं।कईबारलिखा-पढ़ीकेबावजूदजांचकिटकेलिएआर्डरनहींभेजागया।ऐसेमेंमरीजोंकेस्वजनबाहरसेकिटखरीदनेकोमजबूरहैं।

एलएलआरइमरजेंसीमेंशहरहीनहींआसपासके10-12जिलोंसेहादसेमेंघायलऔरगंभीरमरीजइलाजकेलिएरोजानाआतेहैं।फिरभीइमरजेंसीकीसुविधाओंऔरसंसाधनपरध्याननहींदियाजारहाहै।यहांकिटनहींहोनेकीवजहसेपांचमाहसेमरीजोंकीजांचनहींहोरहीहैं।रोजानाइंडेटकियाजाताहै,लेकिनइंडेंटबुकमेंआउटआफस्टाकलिखकरभेजदियाजाताहै।

इसलिएजरूरीहैजांच

इमरजेंसीमेंमरीजोंकाइलाजशुरूकरनेसेपहलेएचआइवी,हेपेटाइटिसबीऔरहेपेटाइटिससीकीजांचजरूरीहै,क्योंकिइनघायलोंकेघावऔरखूनकेसंपर्कमेंआनेसेसंक्रमणकाखतरारहताहै।सर्जरीसेपहलेभीयेजांचेंकराईजातीहैं।

इलाजसेपहले200काखर्चा

घायलकेपहुंचतेहीजूनियरडाक्टरबाहरसेकिटखरीदकरलानेकीपर्चीपकड़ातेहैं।घायलकेस्वजनइलाजसेपहलेकिटखरीदनेकेलिएबाहरभागतेहैं।एचआइवी,एचबीएसएजीऔरएचसीवीजांचकिटकेलिए200रुपयेखर्चकरनेपड़तेहैं।

आठसालबादबंदहुईजांच

एलएलआरइमरजेंसीमेंआठसालपहलेमेडिकलकालेजकेतत्कालीनप्राचार्यप्रो.नवनीतकुमारनेइमरजेंसीमेंएचआइवी,हेपेटाइटिसबीवसीकीकिटसेजांचकीसुविधाशुरूकराईथी।प्रो.आरतीलालचंदानीवप्रो.आरबीकमलकेकार्यकालमेंअनवरतसुविधामिलतीरही।प्रो.कालाकेकार्यभारसंभालनेकेबादसेजांचठपहै।

कोरोनासैंपलिंगमेंभीलापरवाही

एलएलआरइमरजेंसीमेंकोरोनाकीरैपिडएंटीजनजांचकिटउपलब्धहोनेकादावाकियाजारहाहै।हालांकि,इमरजेंसीकेसर्जरीऔरमेडिसिनयूनिटमेंआनेवालेगंभीरमरीजोंकीजांचनहींकीजारहीहै।इससेमरीजोंकीजानपरजोखिमबढ़गयाहै।

बोलेजिम्मेदार:इमरजेंसीमेंजांचकिटखत्महोगईंहैं।जेम्सपोर्टलसेखरीदारीकरनेकेलिएआर्डरदियाहै।किटकीसप्लाईआतेहीजांचशुरूकराएंगे।इमरजेंसीमेंकोरोनाकीजांचऔरसैंपलिंगकराईजारहीहै।कहींकोईचूकहैतोउसमेंसुधारकराएंगे।-प्रो.संजयकाला,प्राचार्य,जीएसवीएममेडिकलकालेज।