मिट्टी जांच के उपरांत ही करें फसलों का चयन

बांका।कृषिविज्ञानकेंद्रनेरजौनप्रखंडकेलीलीतरीगांवमेंमृदादिवसपरकार्यक्रमकाआयोजनकियागया।जिसमेंकिसानोंकोमृदाजांचकेउपरांतहीखेतीकीसलाहदी।

कार्यक्रमकीशुरुआतमृदावैज्ञानिकसंजयकुमारमंडलएवंशस्यवैज्ञानिकरघुवरसाहूनेकी।कृषिवैज्ञानिकोंनेकहाकिमृदादिवसकार्यक्रमकामुख्यउद्देश्यकिसानोंकोमिट्टीजांचकेप्रतिजागरूककरनाहै।जिसप्रकारहमअपनेबीमारशरीरकीजांचकरवातेहैं,उसीप्रकारमिट्टीकीजांचभीसमयपरकरनीचाहिए।इससेकिसानोंकोमिट्टीकीगुणवत्ताकीजानकारीमिलतीहै।मिट्टीजांचमेंजिसपोषकतत्वकीकमीपाईजातीहै।खादमेंउसपोषकतत्वकीमात्राकाअधिकप्रयोगकरतेहैं।बिनाजांचकराएकिसानअधिकमात्रामेंरासायनिकखादकाप्रयोगकरतेहैं।जिससेमृदाकीउर्वराशक्तिघटरहीहै।इसविधिकेसाथहीखेतीकरयोग्यफसलकाचयनकरसकेंगे।इसमौकेपर150किसानोंकोमृदास्वास्थ्यकार्डकावितरणकियागया।इसदौरानकाफीसंख्यामेंकिसानमौजूदथे।