निजी की बजाय सरकारी स्कूल आए बच्चे

संवादसहयोगी,गोपेश्वर:एकशिक्षकस्कूलकेसमयकेबादलोगोंकेघरोंमेंजाकरअपनेबच्चोंकोसरकारीस्कूलमेंदाखिलेकेलिएप्रेरितकररहाहै।यहीनहीं,वहदाखिलेकेसाथमुफ्तट्यूशनपढ़ानेकीजिम्मेदारीभीलेरहाहै।यहीकारणहैकिराजकीयआदर्शप्राथमिकविद्यालयपाखीमेंनौऐसेबच्चोंनेभीदाखिलालियाहै,जिनकेअभिभावकउन्हेंनिजीअंग्रेजीमाध्यमकेस्कूलोंमेंपढ़ानाचाहतेथे।अबइसविद्यालयमेंबच्चोंकीसंख्या37होगईहै।

राजकीयआदर्शप्राथमिकविद्यालयपाखीकेशिक्षकसुरेशचंद्रठाकुरनेकैल्याणा,सेरा,धरग्वाड़,जलग्वाड़,डनग्वाड़,पाखीमेंस्कूलकीछुट्टीकेबादऐसेअभिभावकोंसेसंपर्ककिया,जिनकेबच्चेपहलीबारस्कूलमेंदाखिलालेनेवालेथे।अधिकतरअभिभावकअपनेबच्चोंकोअंग्रेजीमाध्यमकेस्कूलमेंपढ़ानेकेइच्छुकथे।शिक्षकनेपूर्वमेंविद्यालयमेंअध्ययनरतबच्चोंकेशिक्षास्तरकाहवालादेतेहुएआदर्शविद्यालयकीमंशाअभिभावकोंकोबताईतथाभरोसादिलायाकिइसस्कूलमेंअंग्रेजीसहितसभीविषयोंकेशिक्षकमौजूदहैं।कंप्यूटरशिक्षाभीयहांदीजारहीहै।उन्होंनेयहभरोसादिलायाकिविद्यालयमेंपढ़ानेकेअलावाशामकोवहस्कूलमेंअतिरिक्तट्यूशनकक्षाएंसंचालितकरतेहैं।इसकेलिएवहकोईभीशुल्कनहींलेतेहैं।बच्चोंकोस्कूलमेंप्रवेशकेलिएरैलीभीनिकालीगई।उन्होंनेबच्चोंकोअंग्रेजीस्कूलसेपढ़ेबच्चोंकीतरहहीशिक्षादिलानेकाभरोसादिलायातोनौअभिभावकोंनेसरकारीस्कूलमेंबच्चोंकादाखिलाकरादिया।इनबच्चोंकेदाखिलेकेसमयअभिभावकोंकाभीफूल-मालासेस्वागतकियागयाऔरउनसेभीबच्चोंकोप्रतिदिनघरमेंशैक्षणिकमाहौलदेनेकीअपीलकीगई।नवआगंतुकछात्र-छात्राओंकामाल्यार्पणकरउनसेसरस्वतीमांकीपूजाकराईगईतथाप्रतिदिनकीदिनचर्याभीउन्हेंसमझाईगई।

इससेपहलेशिक्षकसुरेशचंद्रठाकुरप्रोजेक्टरकेमाध्यमसेबच्चोंकोगणितवअन्यविषयोंकापाठ्यक्रमपढ़ातेथे।खंडशिक्षाअधिकारीविवेकपंवारनेभीशिक्षककेप्रयासोंकीसराहनाकीऔरस्वयंस्कूलमेंजाकरनएदाखिलालेनेवालेबच्चोंऔरअभिभावकोंकोसंपर्कस्थापितकरउन्हेंबेहतरशिक्षाकाभरोसादिलाया।