ऑनलाइन मुहल्ला क्लास से जगाई शिक्षा की अलख

पीलीभीत,जेएनएन:आवश्यकताअविष्कारकीजननीहै।यहकथनकोरोनाकालमेंशिक्षाक्षेत्रकेलिएवरदानसाबितहुआ।पूरेदेशकीशिक्षाव्यवस्थाऑनलाइनहोगई।व्यवस्थाओंकेपिछड़ेपनकातमगालगाएबैठेपरिषदीयविद्यालयोंकेबच्चेभीऑनलाइनमाध्यमसेशिक्षाग्रहणकरतेदिखाईदिए।जनपदकेबिलसंडाक्षेत्रस्थितमॉडलउच्चप्राथमिकविद्यालय(कक्षा1-8)नौगवांसंतोषकेशिक्षकोंनेऑनलाइनमुहल्लाक्लासकेमाध्यमसेअनूठीमिसालपेशकी।

विद्यालयकेपूर्वछात्रोंकालियासहयोग:विद्यालयकेशिक्षकअनुजकुमारशर्माबतातेहैंकिकोरोनासंक्रमणकालमेंघरबैठेबच्चोंकोशिक्षासेजोड़नाकठिनथालेकिननामुमकिननहीं।उन्होंनेविद्यालयकेबच्चोंकावाट्सएपग्रुपबनाया।कईऐसेबच्चेजिनकेपासस्मार्टफोनकीसुविधाउपलब्धनहींथी,उनकेलिएगांवकेहीशिक्षितयुवाओंकीमददली।एंड्रायडफोनकाइस्तेमालकरातेहुएवंचितबच्चोंकोएकस्थानपरएकत्रकराकरऑनलाइनमोहल्लाक्लासशुरूकी।उन्हेंयूट्यूबकेमाध्यमसेपढ़ाया।इसकेबादबच्चोंनेगृहकार्यकरउसीफोनकीमददसेशिक्षकतकपहुंचाया।स्मार्टफोननरखनेवालेबच्चोंकोबहुतलाभहुआ।

यूट्यूबवीडियोसेहजारोंबच्चोंतकपहुंचे:अनुजकुमारशर्मानामसेसंचालितयूट्यूबचैनलपरअपलोडकीगईंवीडियोसामग्रीनकेवलस्कूलीबच्चोंबल्किअन्यकईजनपदोंकेविद्यार्थियोंतकपहुंची।कईवीडियोपरतो16हजारतकदर्शकमिलेजोकिप्राथमिकशिक्षककेलिएउपलब्धिहै।

घरघरजाकरपढ़ाया:कोरोनाकालमेंअनुजशर्मासमेतविद्यालयकेपूरेस्टाफने8जूनकेबादसेगांवमेंजानाशुरूकिया।ऑनलाइनमाध्यमसेनजुड़सकनेवालेबच्चोंसेसंपर्ककिया।उन्हेंशिक्षाकेसाथजोड़नेकेलिएउनकेघरपरजाकरकक्षाएंलीं।जिनबच्चोंनेगृहकार्यनहींभेजाउनकेघरोंपरफोनकरकेकारणजाना।उन्हेंनिरंतरकक्षाओंसेजुड़नेकेलिएप्रोत्साहितकिया।अनुजबतातेहैंकिजोटेक्नोलॉजीसेफ्रेंडलीहोगएउनकीशिक्षामेंकोईबाधानहींआई।जोलोगनहींजुड़सकेउनकेलिएहमनेअतिरिक्तप्रयासकिए।

एसडीएमकोखुदबुलाकरलेगए:आमतौरपरशिक्षकयहीचाहतेकिकोईअधिकारीजल्दीविद्यालयमेंनपहुंचेलेकिनजबविद्यालयकीव्यवस्थाएंचाक-चौबंदहोंतोबातकीक्या।ऐसाहीकुछबीते31दिसंबरकोमॉडलविद्यालयनौगवांसंतोषमेंभीहुआ।एसडीएमबीसलपुरराकेशगुप्तागांवमेंपहुंचेथे।स्टाफकोखबरलगीतोविद्यालयकेशिक्षकस्वयंउनकेपासपहुंचगएवविद्यालयचलनेकाअनुरोधकिया।एसडीएमभीचकितहुएऔरकहाकिशिक्षकयहीचाहतेहैंकिअधिकारीउनकेविद्यालयमेंनजाए।खैर,एसडीएमविद्यालयपहुंचेतोबेहदप्रभावितहुए।कर्मठस्टाफनेविद्यालयकोबहुतबेहतरबनारखाहै।