पेड़-पौधों को सहेजें नहीं तो खत्म होगी कायनात

संवादसूत्र,महेशपुर(पाकुड़):महेशपुरप्लसटूविद्यालयमेंशनिवारकोपर्यावरणबचाओ,पौधेलगाओवनमहोत्सवकाआयोजनकियागया।विद्यालयपरिसरमेंपौधरोपणकरपर्यावरणकीरक्षाकेलिएबच्चोंकोसंकल्पदिलायागया।संदेशदियागयाकिपौधेहैंतोयहप्रकृतिहै।पेड़पौधोंकीरक्षानहींकरोगेतोदुनियाखत्महोजाएगी।

बच्चोंनेआम,अमरूद,पीपल,नीमकेपौधेलगाए।अभियानकीशुरुआतप्रधानशिक्षकराजेन्द्र

चौधरीनेकी।छात्रोंकोसंबोधितकरतेहुएकहाकिपौधोंकोसुरक्षितरखनेकीजिम्मेदारीसभीकीहै।हमसभीकोपर्यावरणकोसंरक्षितरखनेकेलिएअपनासहयोगदेनाचाहिए।बच्चोंकोपर्यावरणकीसुरक्षाकासंकल्पदिलाया।नीम,पीपलवअन्यपेड़ोंकेमहत्वसेछात्रोंकोअवगतकराया।विद्यालयकेशिक्षकक्रांतिशर्मा,बी¨सह,तबरेजआलमवविद्यालयकेबच्चेमौजूदथे।