पंजाब की ट्रेडिशनल डिशेज पर फोकस करती है ’कुक विद मदर कुक विद पंजाब’;मां के हाथ के खाने को सरलता से किया है पेश

बड़े-बड़ेहोटल्सयारेस्तरांमेंकोईकितनाहीक्योंनखाले।जोमजामांकेहाथकेबनेखानेकाहै,वहऔरकहां।यहीवजहहैकिट्रेडिशनलफूडकोहोटल्सऔररेस्तरांमेंभीजगहदीगईहैलेकिनवहांप्रेपरेशनथोड़ीअलगअंदाजमेंमार्केटकोध्यानमेंरखतेहुएकीजातीहै।

जबकिमांकेहाथकाखानाबेहदसामान्यअंदाजमेंबनायाजाताहै।इसलिएशेफविकासचावलानेकुकबुक,’कुकविदमदरकुकविदपंजाब’लिखी।मंगलवारकोइसकिताबकोकुलिनरीगुरूऔरइंडियनफेडरेशनऑफकलिनरीएसोसिएशनकेप्रेजिडेंटशेफमंजीतसिंहगिलनेरिलीजकिया।

किताबरिलीजकरनेकेबादउन्हाेंनेकहा-हमारेलिएरसोईवोमंदिरहैजहांसेजीवनचलताहै।येअलगबातहैकिअबरसोईएकदमआधुनिकहोगईहै।इसकेसाथहीउन्होंनेविकासकीकिताबपरकहा-इसमेंपंजाबकेमूलव्यंजनोंपरफोकसकियागयाहै।विकासनेअपनीमांकीस्टाइलमेंपंजाबकीसभीट्रेडिशनलडिशेजकीरेसिपीबड़ेसरलअंदाजमेंपेशकीहै।

वहींशेफविकासनेबतायाकिइसकिताबकोलिखनेकीप्रेरणाउन्हेंअपनीमांसेमिलीऔरयहकिताबपंजाबीपरिवारोंमेंतैयारकिएजानेवालीट्रेडिशनलपंजाबीडिशेजकेबारेमेंहै।उन्होंनेबतायाकिइसकिताबकापूराहिस्साउनकेअपनेघरमेंतैयारकिएगएअलग-अलगवेरायटीकेपरांठोंकोसमर्पितहै।इसकेअलावाइसमेंदालमक्खनी,माहदालअमृतसरी,सरसोंदासाग,शलगमसाग,कालाचना,मटनपंजाबी,बटरचिकन,कटहलबिरयानी,चनादालपुलाव,गुड़हलवा,खीर,साबूदानाखीर,बेसनबर्फी,चनाभटूरा,बेड़मीपूरी,कुलचामटरऔरअन्यडिशेजकीरेसिपीइसमेंहै।

बतादेंकिविकासचावलाको25सालकाएक्सपीरियंसहै।हॉस्पिटेलिटीइंडस्ट्रीमेंवेएकशेफऔरसलाहकारहैं।उन्होंने1996मेंचंडीगढ़इंस्टीट्यूटऑफहोटलमैनेजमेंटसेअपनीपढ़ाईकीथी।