पर्यावरण को संरक्षित कर रहे ग्रामीण

टेढ़ीमोड़:एकआदमीकोप्रतिदिनजितनाआक्सीजनचाहिएउतनेसेतीनसिलिडरभरेजासकतेहैं।इसप्रकारयदिएकसिलिडरकीकीमतसातसौरुपयेमानीजाएतोएकआदमीप्रतिदिनलगभग2100रुपयेऔरवर्षभरमें766500रुपयेकाऔरपूरीऔसतउम्रमेंलगभगपांचकरोड़रुपयेकाऑक्सीजनइस्तेमालकरताहैजोयेपेड़पौधेहमेंमुफ्तउपलब्धकरातेहैं।हमारेजीवनकीसबसेआवश्यकप्राणवायुहमेंइनवृक्षोंकेकारणहीप्राप्तहोतीहै।कोरोनामहामारीकेदौरानहरकोईऑक्सीजनकीकमीकोमहसूसकररहाहै।कईलोगोंकीजानउन्हेंसहीवक्तपरऑक्सीजननहींमिलनेसेजारहीहै।इनसारीघटनाओंकोदेखतेहुएलोगअबपौधेलगानेकेलिएप्रेरितहोरहेहैं।यदिपर्याप्तमात्रामेंपेड़पौधेलगाएजाएंतोस्थितियांइसतरहसेखराबनहींहोंगी।लोगपहलेभीपर्यावरणसंरक्षणकेलिएपौधेलगारहेथे,अबजबलोगोंकोपौधोंकीअहमियतऔरउनसेमिलनेवालीऑक्सीजनकामहत्वसमझमेंआरहाहै,तबलोगऔरअधिकमात्रामेंपौधोंकारोपणकरनेकासंकल्पभीलेरहेहैं।सिर्फइन्हेंलगानाहीनहीं,बल्किइनकीदेखरेखकरनाभीजिम्मेदारीहै।इसीजिम्मेदारीकोस्वीकारतेहुएशिक्षकदीपनारायणमिश्रअपनीनियुक्तिकेबादसेहीपौधारोपणएवंउनकीदेखभालकरअपनायोगदानकरतेआरहेहैं।लेकिनअबइन्हेंसमुदायकाभीसहयोगमिलनेसेइनकीमेहनतसार्थकएवंसफलहोरहीहै।वर्तमानमेंशिक्षकदीपनारायणमिश्रसिराथूविकासखंडकेप्राथमिकविद्यालयरामपुरधमावांमेंसहायकअध्यापकपदपरतैनातहैं।इन्होंनेइसविद्यालयमेंबच्चोंकेसहयोगसेकईसारेपौधरोपितकिएहुएहैं,जिसकीदेखभालकेलिएभीबच्चोंकोजिम्मेदारीबांटीहुईथी,लेकिनजबसेलाकडाउनलगाऔरविद्यालयबंदहोगएतोस्वयंहीसमय-समयपरदेखभालवसिचाईकेलिएविद्यालयआतेरहतेहैं,लेकिनचुनावप्रक्रियामेंव्यस्ततावउसकेबादअस्वस्थताकीवजहसेमतगणनाकेबादजबएकहफ्तेतकविद्यालयनहींपहुंचेतोविद्यालयप्रबंधसमितिकेसदस्यपंचमलालकेपरिवारनेइसकठिनकालमेंपौधोंकीदेखभालजिम्मास्वयंसंभाललिया।रविवारशामकोएकहफ्तेबादपेड़ोंकीसिचाईकेलिएशिक्षकदीपनारायणमिश्रजबविद्यालयपहुंचेतोपंचमलालकेबेटेअमितकुमारकोपेड़ोंकीसिचाईकरतेहुएदेखउन्हेंजोसंतुष्टिएवंखुशीकीअनुभूतिहुई,उसेवहव्यक्तकरपानेमेंअसमर्थथे,क्योंकिउन्होंनेइसकार्यकेलिएमोबाइलसेसंपर्कभीनहींकियाथा।चुनावपश्चातविद्यालयकीचाभीपंचमलालकेपासहोनेकीवजहसेयेपहलस्वयंहीउनकेद्वाराकीगईथी।शिक्षकदीपनारायणमिश्रनेबतायाकिउन्होंनेइसमानसूनसत्रमेंऔरभीज्यादावृक्षारोपणकरविद्यालयपरिसरहराभराएवंआकर्षकबनानेकासंकल्पअभीसेहीलेलियाहै।