पर्यावरण संरक्षण के लोगों को सिखाए जा रहे गुर

जागरणसंवाददाता,अल्मोड़ा:पर्यावरणमंत्रालयभारतसरकारकेतत्वावधानमेंहरितकौशलविकासकार्यक्रमका21दिवसीयप्रकृतिव्याख्यानकोर्सकाआयोजनगोविन्दबल्लभपन्तराष्ट्रीयहिमालयीपर्यावरणएवंसततविकाससंस्थानमेंचलरहाहै।इसकेमाध्यमसे2021तकसाढ़ेपांचलाखलोगोंकोवनएवंपर्यावरणकेक्षेत्रमेंकौशलविकासकेलिएतैयारकरनाहै।प्रशिक्षण21अगस्ततकचलेगा।

कार्यक्रमकेसंयोजकतथाइनविसकेन्द्रकेप्रभारीवैज्ञानिकडॉ.गिरीशनेगीनेइसप्रशिक्षणकार्यक्रमकीविस्तृतजानकारीस्लाईडशोकेमाध्यमसेदी।प्रशिक्षणकार्यक्रममेंएसएसजेपरिसर,अल्मोड़ाकेप्रोफेसरअनिलकुमारयादवनेअपनेव्याख्यानमेंछात्रछात्राओंकोप्रकृतिमेंपेड़-पौधोंकेमहत्वएवंप्रबन्धनकेबारेमेंबताया।इसीकार्यक्रमकेंद्वितीयदिवसमेंजडी-बूटीकेन्द्र,रानीखतकेसेवानिवृतवैज्ञानिकडॉ.जीसीजोशीनेछात्रछात्राओंकोपौराणिकजडी़-बूटियोंसेआधुनिकबीमारियोंकाउपचारएवंजडी़बूटियोंकेसंवर्धनकोआय,रोजगारवव्यवसायबनानेहेतुमहत्वपूर्णजानकारियांदी।प्रशिक्षणाíथयोंकोवनस्पतियोंकीपहचानएवंउनकीसंख्याकोमापनेहेतुस्याहीदेवीवनभूमिपरिक्षेत्रमेंप्रयोगात्मककार्यकरवाया।शीतलाखेतमेंसल्लाग्रामकेकृषकमाधवानंदजोशीनेसभीछात्रछात्राओंपारंपरिकखेतीकेमहत्वएवंइससेस्वरोजगारकेबारेमेंप्रायोगिकतौरपरमहत्वपूर्णज्ञानदिया।प्रशिक्षणकेदौरानसंस्थानकेवरिष्ठशोधार्थीडॉ.रविन्द्रजोशीएवंडॉ.दीपिकाभट्टनेप्रशिक्षणाíथयोंकोवन्यजीवएंववनस्पतियोंकेअ‌र्न्तसम्बन्धपरव्याख्यायानएवंप्रयोगात्मककार्यकरवायें।इसकार्यक्रममेंइनविसकेन्द्रकेडॉ.महेशानन्द,विपिनशर्मा,एसकेसिन्हा,प्रदीप¨सहमौजूदरहे।