ऋषि पराशर की तपोस्थली को लगेंगे विकास के पंख

संवादसूत्र,आटा:बेतवानदीकेकिनारेस्थितपराशरऋषिकीतपोस्थलीकोजल्दीहीविकासकेपंखलगसकतेहैं।दैनिकजागरणकीपहलऔरक्षेत्रीयजनप्रतिनिधिकेप्रयाससेप्रस्तावशासनकोभेजाजाचुकाहै।उम्मीदकीजारहीहैजल्दहीइसकोलेकरकुछजरूरहोगा।

कालपीतहसीलक्षेत्रमेंऐतिहासिकस्थलोंकीकोईकमीनहींहै।महाभारतकालीनतककेस्थलअबतकमौजूदहैं।इनकारखरखावकियाजासकेइसकेलिएदैनिकजागरणनेबीतेवर्षअक्टूबरमाहमेंकालपीमांगेअपनाअधिकारनामकशीर्षकसेअभियानसंचालितकरसरकारऔरजिम्मेदारोंकाध्यानइसओरआकर्षितकरायाथा।जिसकेबादइनकेसंरक्षणकीकवायदकोशुरूकियागया।हालांकिकालपीक्षेत्रहीनहींबल्किजनपदकेकईमहत्वपूर्णस्थलोंकोपर्यटनमेंशामिलकियाजाचुकाहैलेकिनवास्तवमेंइनकेरखरखावकोलेकरजोकामहोनाचाहिएथावहनहींहोसका।जिसकेलिएजागरणनेयहअभियानसंचालितकियाथा।अबइसओरजिम्मेदारोंनेध्यानदियाहै।जिससेउम्मीदहैकिजल्दीहीइसस्थलकाकायाकल्पहोजाएगा।महाभारतकालसेजुड़ाहैस्थलकाइतिहास:

बेतवानदीकेकिनारेसुरम्यस्थलपरऋषिपराशरकामंदिरऔरआश्रमबनाहुआहै।किवदंतीहैकिमत्स्यगंधायहींकीथी।ऋषिपराशरनेइसीस्थानपरतपकियाथा।जिससेइसगांवकानामपरासनपड़गया।बोलेस्थानीयबाशिदे:

-ऋषिपराशरकीतपोस्थलीकाविकासहोजाएतोक्षेत्रकेलिएकाफीअच्छारहेगा।यहांकाविकासहोगा।साथहीदूरदराजसेलोगआएंगेतोव्यापारकीसंभावनाएंभीबढ़सकतीहैं।

सुनीलकुमारतिवारी-यहस्थानहमारीसंस्कृतिसेजुड़ाहुआहै।इसकाकायाकल्पकभीकाहोजानाचाहिएथालेकिनउपेक्षाकेचलतेध्याननहींदियागया।सुनाजारहाहैकिजल्दीहीइसतरफध्यानदियाजाएगाजोबहुतअच्छाहै।

-जिलेकीऐतिहासिकधरोहरोंकोसंजोनेकेप्रयासजनप्रतिनिधिकेसाथहीजिलाप्रशासनभीकररहाहै।उम्मीदहैकिजीर्णशीर्णहोचुकेस्थलोंकाजीर्णोद्धारजल्दीहोगा।

कौशलकुमारएसडीएमकालपी