शहर को स्मार्ट बनाने में वन भूमि बाधा

जागरणसंवाददाता,शिमला:शहरकेविकासकार्योकोआगेबढ़ानेमेंअबवनभूमिबाधाबननेलगीहै।वनभूमिकोनगरनिगमअपनेपासलेनेकेलिएलंबेसमयसेजद्दोजहदकररहाहै।अभीतकनिगमकोअपनावनक्षेत्रवापसनहींमिलाहै,अबनिगमनेसरकारसेवनभूमिकोवापसलेनेकेलिएफिरसेप्लानतैयारकियाहै।इसकेतहतनगरनिगमशिमलाकेसभीपार्षदमुख्यमंत्रीजयरामठाकुरसेमिलेंगे।शहरीविकासमंत्रीसुरेशभारद्वाजकीअगुआईमेंयहप्रतिनिधिमंडलमुख्यमंत्रीसेमिलेगा।इसमेंशहरकेजंगलोंकोनिगमकोवापसदेनेकीमांगउठाईजाएगी।

पार्षदोंकातर्कहैकिनिगमकेपासअपनाजंगलहोतोजहांभीविकासकरवानाहोवहांपरवनभूमिकेगैरवनीयइस्तेमालकीमंजूरीजल्दलीजासकेगी।इससेशहरमेंविकासकीगतितेजकीजासकेगी।राजधानीकेविकासकेलिएस्मार्टसिटीकेतहत29करोड़रुपयेकाप्रोजेक्टतैयारकियागयाहै।हरप्रोजेक्टकोपूराकरनेकेलिएभूमिकीआवश्यकताहै।राजधानीमेंखालीभूमिकीकमीहै।शहरमेंअधिकतरखालीभूमिवनभूमिहै।ऐसेमेंजहांभीकहींविकासकार्यकियाजानाहोवहांपरवनभूमिपरकामकरनेकेलिएमंजूरीलेनाअनिवार्यहोजाताहै।यदिकाममंजूरीकेबगैरकियाजाताहैतोविभागीयकार्रवाईकीआशंकाबनीरहतीहै।इसलिएअपनेकामकोबेहतरतरीकेसेकरनेकेलिएनिगमप्रशासननेवनभूमिकोअपनेपासलेनेकेलिएप्लानतैयारकियाहै।वर्षोपहलेनिगमकेपासहीथावनक्षेत्र

नगरनिगमकावनक्षेत्रपहलेनिगमकेपासहीथा।पूर्वसरकारोंकेसमयमेंइसेराज्यसरकारकेअधीनलानेकाफैसलालियागयाथा।इसकेबादसेनिगमलगातारइसेमांगरहाहैलेकिनअभीतकनहींमिलपायाहै।शहरकाकुछक्षेत्रतोऐसाहैजिसेनिगमनेखुदअंग्रेजोंसेखरीदाथा।क्रेगनैनोंतोनगरनिगमशिमलानेखुदखरीदाथा।इसकेअलावाभीशहरकीपूरीहरितपट्टीएकसमयनगरनिगमशिमलाकीहोतीथी।