सीबीआई को निर्वाचन आयोग की तर्ज पर स्वायत्त और सशक्त बनाने का सही वक्त: एस एम खान

(ब्रजेन्द्रनाथसिंह)नयीदिल्ली,आठनवंबर(भाषा)राज्योंद्वारामामलोंकीजांचकेलिएकेंद्रीयजांचब्यूरो(सीबीआई)कोदीगईआमसहमतिवापसलेनेकीताजाघटनाओंकीपृष्ठभूमिमेंसीबीआईमामलोंकेविशेषज्ञएसएमखानकाकहनाहैकिइसचलनपररोकलगानेकेलिएसीबीआईकोवैधानिकशक्तियांप्रदानकरइसकेदायरेकोराष्ट्रव्यापीबनाएजानेकीजरूरतहै।सीबीआईमामलोंकेविशेषज्ञऔरपूर्वराष्ट्रपतिएपीजेअब्दुलकलामकेप्रेससचिवरहचुकेएसएमखाननेरविवारकोकहानिर्वाचनआयोगकीतर्जपरकेंद्रीयजांचब्यूरोकोवैधानिकशक्तियांप्रदानकरउसेस्वायत्तस्वरूपदेनेकायहसहीवक्तहैक्योंकिकेंद्रमेंसत्तासीनभाजपाकेपासलोकसभाऔरराज्यसभादोनोंमेंबहुमतहैऔरअधिकांशराज्योंमेंभीउसकीसरकारेंहैं।उल्लेखनीयहैकिकेरल,झारखंडऔरमहाराष्ट्रकीसरकारोंनेहालहीमेंसीबीआईकोजांचकेलिएदीगईआमसहमतिवापसलेलीहै।सीबीआईकोलेकरआएदिनकेंद्रवराज्यकीसरकारोंमेंटकरावभीदेखाजातारहाहैक्योंकिसीबीआई‘‘दिल्लीविशेषपुलिसस्थापनाअधिनियम’’द्वाराशासितहै,जिसकेतहतराज्योंमेंकिसीमामलेकीजांचकेलिएवहांकीसरकारकीसहमतिअनिवार्यहोतीहै।पीटीआई-भाषाकोदिएएकसाक्षात्कारमेंसीबीआईकेप्रमुखप्रवक्तारहेखाननेकहा,‘‘राज्योंद्वारासीबीआईकोदीगईआमसहमतिवापसलेनाकोईनयीघटनानहींहै।जबसेसीबीआईकागठनहुआतभीसेयहचलाआरहाहै।पहलेतोएकहीपार्टीकीसरकारेंरहाकरतीथीं।केंद्रऔरराज्योंमेंभी।सारीहीसरकारेंसीबीआईकोजांचकीमंजूरीदेतीरहीं।इसप्रकारसीबीआईबिनारोकटोककेराज्योंमेंभीकामकरतीरही।’’उन्होंनेबतायाकिबादमेंपरिस्थितियांबदलींऔरगैर-कांग्रेसीसरकारेंभीबननेलगींऔरतभीसेयहसमस्याशुरूहुईऔरकुछराज्योंनेसीबीआईकोदीगईआमसहमतिवापसलेली।उन्होंनेकहा,‘‘समस्याहैसीबीआईकाकानून।सीबीआई,दिल्लीविशेषपुलिसस्थापनाअधिनियम(डीएसपीईएक्ट)केअधीनकामकरतीहै।इसकेतहतसीबीआईकादायरादिल्लीऔरकेंद्रशासितप्रदेशोंतकहीसीमितहै।’’उन्होंनेकहाकिबादमेंसीबीआईकोविशेषअपराधकेमहत्वपूर्णमामलेभीसौंपेजानेलगें।फिरसीबीआईकेपासआतंकवादकेमामलेऔरफिरआर्थिकअपराधकेमामलेभीआनेलगे।ऐसेमामलोंमेंविवेकाधिकारराज्यसरकारोंकाहोताहै।याफिरउच्चतमन्यायालयऔरउच्चन्यायालयहस्तक्षेपकरतेहुएकिसीमामलेकोसीबीआईकोसौंपदेतोवहउसकीजांचकरतीहै।उन्होंनेकहा,‘‘इसप्रकारकेमामलेराज्योंपरनिर्भरहोतेहैंकिवहसीबीआईकोसौंपाजाएयानहीं।इसीकोलेकरविवादहोताहै।इसकेबादकेंद्रपरनिर्भरहैकिवहराज्यसरकारकीसंस्तुतिकोमंजूरकरेयानाकरे।’’खाननेकहाकिसबसेबढ़ियायेहोसकताहैकिऐसाकानूनबनायाजाएजोसीबीआईकोपूरेभारतवर्षमेंकामकरनेकाअधिकारप्रदानकरे।उन्होंनेकहा,‘‘ऐसाकानूनबनताहैतोसीबीआईराज्यसरकारोंकेरहमोकरमपरनहींरहेगी।अपनेकानूनकेतहतअपनीकार्रवाईकरेगी।नहींतोयेसमस्याबरकराररहेगी।’’यहपूछेजानेपरकिक्याराष्ट्रीयस्तरपरसीबीआईजांचकेदायरेकेविस्तारकायहसहीवक्तहै,खाननेकहा,‘‘जी,हां।बिल्कुलहोनाचाहिए।ऐसेकानूनकीबहुतआवश्यकताहै।’’उन्होंनेकहाकिइससमयकेंद्रकीसत्तामेंजोपार्टीहै,उसकेपाससंसदकेदोनोंसदनोंमेंबहुतअच्छाबहुमतहैऔरअधिकांशराज्योंमेंउसकीसरकारेंभीहैं।उन्होंनेकहा,‘‘इसलिएइससेअच्छाकुछनहींहोसकताकिऐसासंघीयकानूनबने,जिसमेंसीबीआईकाकार्यक्षेत्रपूरेदेशमेंनिर्धारितकियाजाए।कमसेकमभ्रष्टाचारकेमामलोंकीजांचकेलिएसीबीआईकोराष्ट्रीयस्तरपरअधिकारमिलनेहीचाहिए।अभीतोभ्रष्टाचारकेमामलोंकीभीपूरेदेशमेंजांचकरनेकासीबीआईकोकानूनीअधिकारनहींहै,जबकिउसकीस्थापनाहीभ्रष्टाचारकेमामलोंकीजांचकेलिएहुईथी।’’सीबीआईकीविश्वसनीयताऔरउसकीसाखकोलेकरहमेशाउठनेवालेसवालोंको‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’करारदेतेहुएखाननेदावाकियाकिसीबीआईपहलेभीनिष्पक्षढंगसेकामकरतीथीऔरआजभीकरतीहै।उन्होंनेकहा,‘‘सीबीआईकीनिष्पक्षताकोलेकरएकधारणाबनगईहै।हालांकियहपहलेभीथीलेकिनपहलेकमथी,अबअधिकहै।मैंअभीभीमानताहूंकिसीबीआईनिष्पक्षजांचकरतीहै।’’सीबीआईकोसमर्थऔरसशक्तबनानेकीजोरदारवकालतकरतेहुएखाननेकहा,‘‘सीबीआईकोनिर्वाचनआयोगकीतरहस्वतंत्रऔरस्वायत्तबनानाहोगा।सीबीआईकोबहुतसारीचीजोंकेलिएकेंद्रसरकारपरनिर्भररहनापड़ताहै,जैसेअनुरोधपत्रजारीकरना,सीबीआईटीमकोजांचकेलिएविदेशजानेकीअनुमतिदेना,उच्चतमऔरउच्चन्यायालयोंमेंअपीलेंफाइलकरनाजैसेअनेकोंऐसेमामलेहैं।सरकारचाहेतोअनुमतिदेयानादे।चाहेतोदेरीकरे।इसकाअसरसीबीआईकीसाखपरपड़ताहै।इसलिएयहधारणाबनतीहै।’’उन्होंनेइसबातपरअसहमतिजताईकिसीबीआईकीदोषसिद्धिदरकमहै।उन्होंनेकहाकिआजभीयहपुलिसकेमुकाबलेबहुतबेहतरहै।उन्होंनेकहा,‘‘सीबीआईकेपासमामलेभीबहुतहैं।भ्रष्टाचारकेमामलोंमेंदस्तावेजीसाक्ष्यभीबहुतहोतेहैं।ऐसेमेंऔरअधिकविशेषअदालतोंकागठन,विशेषअधिवक्ताओंकाचयनकरनेकीछूटहोनीचाहिए।कुलमिलाकरसीबीआईकोस्वायत्ततादेनीहोगीऔरउसेकानूनीरूपसेऔरसशक्तबनानाहोगा।’’