स्कूल की नहीं बन सकी चहारदीवारी

जागरणसंवाददाता,वनगावां(चंदौली):तमामप्रयासोंकेबावजूदपरिषदीयविद्यालयोंकीहालतमेंसुधारनहींहोपारहाहै।आपरेशनकायाकल्पयोजनापरभीसवालखड़ाहोरहा।विद्यालयचहारदीवारीविहीनतोकुछमेंआजतकशौचालयकीमुकम्मलव्यवस्थानहींहोसकीहै।डेहरीकलांगांवकेपूर्वमाध्यमिकविद्यालयकोहीलेंलेतोचहारदीवारीनहींबनपाईहै।विद्यालयकेपाससामुदायिकशौचालयकानिर्माणकरादियागयाहै।इसकेचलतेअभिभावकोंमेंरोषहै।मध्यावकाशकेदौरानबच्चोंकीसुरक्षाकोलेकरशिक्षकसबसेज्यादाचितितरहतेहैं।

दरअसल,ग्रामसभाकीभूमिपरबनेविद्यालयकामामलाविवादितहोनेसेचहारदीवारीकानिर्माणअटकाहुआहै,जबकिशासननेनिर्माणकार्यआरंभकरानेकेलिए1.72लाखरुपयेअवमुक्तकरदियाहै।चहारदीवारीकानिर्माणकार्यजबशुरूकियागयातोगांवकेकतिपयलोगोंनेभूमिग्रामसभाकीहोनेकाहवालादेतेहुएहो-हल्लामचाकरकार्यरुकवादिया।गांवमेंहीपूर्वमाध्यमिकविद्यालयकानिर्माण2001मेंहुआ।विडंबनायहकिकरीब20वर्षबीतनेकेबादभीविद्यालयकेनामग्रामसभाकीभूमिहस्तांतरितनहींहोसकीहै।उससमयतत्कालीनप्रधानवग्रामसचिवकेप्रस्तावपरविद्यालयबनगयालेकिनअबअतिरिक्तकक्षभीबनानाहोतोमुश्किलेंआनेलगतीहैं।मौजूदासमयमेंकक्षाएंचलरहीहैंऔरशिक्षकस्कूलपहुंचरहेहैं।परिसरमेंग्रामीणउपली,पशुचारारखकरकब्जातोजमाएहीहैं,पशुपालकपशुओंकोचरनेकेलिएविद्यालयकेआसपासछोड़देतेहैं।इसकेचलतेपरिसरमेंजहां-तहांगंदगीपसरीरहतीहै।इससेशिक्षकोंकोपरेशानीउठानीपड़तीहै।चहारदीवारीकेअभावमेंअवांछनीयतत्वविद्यालयकेखिड़की,दरवाजेआदिकोनष्टकरदेतेहैं।चोर-उचक्केकईबारनिशानाबनाचुकेहैं।ग्रामीणोंनेजिलाधिकारीसेविद्यालयकीचहारदीवारीबनवानेकीमांगकीहै।बीएसएसत्येंद्रसिंहनेकहामामलासंज्ञानमेंहै।तहसीलप्रशासनसेबातकरजमीनकामामलाहलकरायाजाएगा।