सपने अपने-सपने : कोई डॉक्टर तो कोई इंजीनियर बन..

जागरणसंवाददाता,सासाराम:रोहतास।मैट्रिकपरीक्षामेंइसबारशहरकेसाथकस्बोंवगांवोंकेस्कूलोंमेंपढ़नेवालेछात्रोंनेभीउम्दाप्रदर्शनकियाहै।उत्तीर्णजिलेकेलड़के-लड़कियोंकेअपने-अपनेसपनेहैं।कोईपढ़-लिखकरडॉक्टरतोकोईइंजीनियरवशिक्षकबनमाता-पिताकेहसरतकोपूराकरनेबातकहताहै।प्रथमश्रेणीसेउत्तीर्णरामारानीबालिकाउमाविसासारामकीछात्रासुरभिकुमारीकोजहांवकीलबननाहै।हाईस्कूलकोचसकेशम्सेआलमनेइंजीनियरतोअमरातालाबकेरंजनकुमारनेआइआइटियनबनअपनेमाता-पिताकेसपनेकोसाकारकरनेकीबातकही।रंजननेउविचांदीसेमैट्रिकपासकीहै।उसनेसफलताकाश्रेयशिक्षकदीपककुमारकोदियाहै।सुरभिसासारामकेमहद्दीगंजस्थितअपनेनानाभगवतीप्रसादकेघररहमैट्रिकतककीपढ़ाईकी।उसनेअपनेनानाकीतरहपढ़-लिखकरवकीलबननेकीबातकही।वहींश्रीशंकरइंटरस्तरीयविद्यालयतकियासेप्रथमश्रेणीसेउत्तीर्णअंशुनेकहाकिपढ़-लिखकरसेनाकीनौकरीकरदेशकीसुरक्षाकरेगा।उच्चविद्यालयरोहतासकीछात्रासोनीकुमारीवश्रीशंकरइंटरस्तरीयविद्यालयतकियाकीअंकितासागरनेबेहतरअंकसेसफलताहासिलकरमाता-पिताकानामरौशनकियाहै।सेमरीपाठककीअनन्याकुमारीपे434,कबुतराव्यासउच्चमाध्यमिकविद्यालयकोचसकीपूजाने467,गुलशनकुमार456,पवनकुमार455,मधुकुमारीने446,मनमोहककुमारने444,विदेशीरामने439,सिक्याकुमारीने427अंकहासिलकरमाता-पिताकेसाथअपनेविद्यालयकानामरौशनकियाहै।