सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यूएपीए के केस में जांच के लिए अतिरिक्त समय देने का मजिस्ट्रेट को अधिकार नहीं

नईदिल्ली,प्रेट्र।सुप्रीमकोर्टनेकहाहैकिगैरकानूनीगतिविधियांरोकथामअधिनियम(UAPA)केतहतमामलोंमेंजांचपूरीकरनेकासमयबढ़ानेकेलिएमजिस्ट्रेटसक्षमप्राधिकारीनहींहै।जस्टिसयूयूललित,जस्टिसएस.रविंद्रभटऔरजस्टिसबेलाएम.त्रिवेदीकीपीठनेकहाकिऐसेआवेदनोंपरविचारकरनेकेलिएराष्ट्रीयजांचएजेंसी(NIA)अधिनियिमकेतहतगठितविशेषअदालतेंहीसक्षमप्राधिकारीहोंगी।

शीर्षअदालतनेसातसितंबरकोयहआदेशसादिकऔरअन्यकीओरसेदाखिलअपीलपरजारीकियाजिन्होंनेमध्यप्रदेशहाईकोर्टकेफैसलेकोचुनौतीदीथी।उन्हेंशस्त्रअधिनियमऔरयूएपीएकेविभिन्नप्रविधानोंकेतहतभोपालजिलेकेएसटीएफ/एटीएसपुलिसथानेमेंदर्जमामलोंकेसंबंधमेंगिरफ्तारकियागयाथा।

यूएपीएकीधारा43-डी(2)(बी)केतहतजांचटीमकीओरसेदाखिलआवेदनपरभोपालकेचीफज्यूडिशियलमजिस्ट्रेट(सीजेएम)नेजांचपूरीकरनेकीअवधिबढ़ादीथी।वास्तविकहिरासतके90दिनपूरेहोनेपरअपीलकर्ताओंकीओरसेइसआधारपरजमानतअर्जीदाखिलकीगईथीकि90दिनोंकेभीतरकोईआरोपपत्रदाखिलनहींकियागया,लेकिनसीजेएम,भोपालकीअदालतनेअर्जीखारिजकरदीथी।हाईकोर्टकाभीयहीकहनाथाकिसीजेएम,भोपालकीअदालतनेउचितआदेशपारितकियाथाऔरजांचटीमकेपासजांचपूरीकरनेकेलिएबढ़ेहुएसमयकेसाथ180दिनोंकासमयहैऔरआरोपितजमानतकेहकदारनहींहैं।

हाईकोर्टसेराहतनहींमिलनेपरआरोपितोंनेसुप्रीमकोर्टकारुखकियाऔरकहाकिसीजेएम,भोपालद्वाराबढ़ाईगईजांचपूरीकरनेकीअवधिउनकेन्यायक्षेत्रसेबाहरहै।शीर्षअदालतनेउनकीअपीलकोस्वीकारकियाऔरउन्हेंजमानतपररिहाकरनेकाआदेशदेदिया।

थेलेसीमिया,सिकलसेलवहेमोफीलियादिव्यांगोंकोआरक्षणकेलिएयाचिका

अधिवक्तादीपककंसलनेसुप्रीमकोर्टमेंएकजनहितयाचिकादाखिलकरकेथेलेसीमिया,सिकलसेलऔरहेमोफीलियाकेदिव्यांगोंकोनौकरियोंमेंआरक्षणकालाभदेनेकेलिएकेंद्रसरकारसमेतसभीप्रतिवादियोंकोउचितनिर्देशदेनेकीमांगकीहै।याचिकामेंशीर्षअदालतसेतत्कालहस्तक्षेपकीमांगकीगईहै।