तालाब बना स्कूल, बच्चे आठ और शिक्षक दो

संवादसूत्र,मूसानगर:करीबएककरोड़काभवनऔरखेलमैदानकीतरहलंबाचौड़ास्कूलपरिसरहै।पुरंदरमेंकरीबसातकमरेमेंसंचालितहोरहाराजकीयउच्चतरमाध्यमिकस्कूलमेंमात्रआठबच्चेपंजीकृतहैं।इन्हेंपढ़ानेकेलिएतीनकर्मचारीतैनातहैं।वहबातअलगहैकियहांबच्चेआतेहीनहीं।अधिकांशक्लासोंमेंसीटबेंचतोहैं,लेकिनधूलकीपरतदेखकरअंदाजालगजाताहैकियहांस्कूलकासाराकामफाइलोंमेंअपडेटहोरहाहै।नतोस्कूलमेंबच्चोंकोपढ़नेआनेकीरुचिहैऔरनहीयहांतैनातकर्मचारियोंकोमाथापच्चीकरनेकीजरूरतहै।

दूरसेक्यानजदीकआकरभीस्कूलकाभवनशानदारहीनजरआताहै।हां,परिसरमेंआतेहीमनगवाहीनहींकरताकियहांबच्चेपढ़तेभीहैंयागुरुजीकमरोंमेंहोंगे।स्कूलपरिसरतालाबकीतरहलबालबहै।कमरोंमेंखालीकुर्सी,बेंचसालोंसेधूलसेलिपटीहुईहैं।इनखालीकमरोंकासन्नाटातोड़तेएककमरेमेंदोजनदिखतेहैं।पूछनेपरपताचलाइनमेंएकलिपिकदूसरेसहायकअध्यापकहैं।ग्रामपुरंदरमेंसंचालितराजकीयउच्चतरमाध्यमिकविद्यालयकीयहतस्वीरशिक्षाकीअसलियतजाननेकेलिएबानगीकेतौरपरकाफीहै।

ग्राममें2009मेंराजकीयउच्चतरमाध्यमिकविद्यालयखोलागयाथा।विद्यालयकाभवनगांवकेपूर्वदिशामेंबनायागयाथा,जिसमेंशिक्षणकेलिएचारकमरेतथाएकप्रधानाचार्यकक्षएकशिक्षककाकंप्यूटरकक्षहै।विद्यालयमेंतैनातप्रधानाचार्यसमेतकर्मचारियोंकीउदासीनताकेचलतेविद्यालयआंसूबहारहाहै।विद्यालयमेंखेलनेकेलिएबच्चोंकामैदानहै।वहांवर्षाकाकीचड़युक्तबदबूदारपानीभराहै।स्कूलकेसमयविद्यालयमेंतैनातसहायकअध्यापकअवधेशकुमारनेबतायाकिप्रधानाचार्यकल्पनाशुक्लाजिलामुख्यालयकिसीकामसेगईहैं।लिपिकहरिओमशुक्लाअभीआएनहींहैं।कईकमरोंमेंतालालगाथा।एककमराखुलाथावहभीखालीथा।उन्होंनेबतायाकिकक्षानौमेंछहछात्रऔरकक्षा10मेंदोछात्रअंकितहैं।कोईबच्चाविद्यालयमेंउपस्थितनहींथा।गांवकेबाबूसिंह,शेरबहादुर,रामपालआदिनेबतायाकिविद्यालयमेंतैनातशिक्षकोंकीउदासीनताकेचलतेविद्यालयबच्चेनहींजातेहैं।रोजानाकायहीहालहैकभीसहायकनजरआतेहैंतोकभीप्रधानाचार्य।हमारेगांवसेकमोबेश400बच्चेदूसरेगांवमेंपढ़नेकेलिएजातेहैं।गांवमेंखुलाविद्यालयहमलोगोंकेलिएकुछभीफायदेकासाबितनहींहोरहाहै।जिलाविद्यालयनिरीक्षकअरविदकुमारद्विवेदीनेबतायाकिहमेंऐसीजानकारीमिलीहैकिकुछअध्यापकशासनद्वारामिलनेहैंअध्यापकोंकीसंख्याबढ़नेपरगांवकीशिक्षाव्यवस्थामेंसुधारकियाजाएगा।