तीन किमी दूर विद्यालय, पढ़ने नहीं जा पाते छात्र

संवादसहयोगी,कोंच:22वर्षपूर्वजोगलतीशिक्षाविभागकेअधिकारियोंनेविद्यालयनिर्माणकेदौरानकीथीउसकाखामियाजाआजभीग्रामछिरावलीकेबच्चेभुगतरहेहैं।वहचाहकरभीपढ़नेकेलिएविद्यालयनहींजापारहेहैं।विद्यालयमेंनामलिखाकरहीवहवर्षोंसेपासहोतेआरहेहैं।

नियमतोयहहैकिगांवसेएककिमीकेदायरेमेंविद्यालयकानिर्माणकरायाजानाचाहिए।फिरभीयहदेखाजाताहैकिविद्यालयगांवमेंहीबनायाजाएताकिबच्चेआसानीसेविद्यालयपहुंचकरशिक्षाग्रहणकरें।वर्ष1998मेंसारेनियमोंकोदरकिनारकरतेहुएविकासखंडकेग्रामछिरावलीसेतीनकिमीदूरजंगलमेंएकपूर्वमाध्यमिकविद्यालयकानिर्माणकरदियागया।विद्यालयऐसेस्थानपरबनायागयाजहांसेगांवतकपहुंचनेकेलिएअभीतककोईसड़कनहींबनपाई।नतीजायहहुआकिविद्यालयमेंपढ़नेकेलिएगांवकाकोईभीबच्चावहांनहींपहुंचपाया।अभिभावकबच्चोंकेनामविद्यालयमेंलिखाकरउनकीमार्कशीटअभीतकलेतेआएहैं।

शिक्षकोंकीतैनातीमेंभीमानकोंकीहुईअनदेखी

वर्तमानमेंइसपूर्वमाध्यमिकविद्यालयमें33छात्रपंजीकृतहैंऔरविद्यालयोंमेंशिक्षकमात्रतीनहीतैनातहैं।जिनमेंएकप्रधानाचार्यऔरदोसहायकअध्यापकहैं।प्रधानाचार्यलालजीनिरंजनबतातेहैंकिगांवदूरहोनेऔरमार्गनहोनेकेकारणबच्चेस्कूलबराबरनहींआपाते।सर्दियोंकेदिनोंमें6से10बच्चेअवश्यआजातेहैं।बरसातऔरगर्मियोंमेंयहांकोईनहींआता।विद्यालयकाभवनभीअबजीर्णशीर्णहोचुकाहै।

जिम्मेदारबोले:

पतरियाकापूर्वमाध्यमिकविद्यालयगांवसेकाफीदूरहै।जिनशिक्षकोंकीतैनातीवहांहैवहजिलेसेहीभेजेगएहैं।यदिशिक्षकलिखकरदेतेहैंऔरग्रामपंचायतगांवमेंअथवागांवकेपासनिर्माणकेलिएभूमिउपलब्धकरातीहैतोउच्चाधिकारियोंसेविद्यालयकेनिर्माणकेलिएपत्राचारकियाजाएगा।वहजल्दहीविद्यालयकानिरीक्षणकरेंगी।

शैलजाव्यास,बीईओ