तंत्र के गण: पहले की देश सेवा, अब कर रहे मानव सेवा

सुनीलचौहान,धारूहेड़ा

भारतीयवायुसेनामेंरहकरपहलेदेशसेवाकीऔरअबडूंगरवासगांवकेमहेशकुमारमानवसेवामेंजुटेहुएहैं।महेशसालोंसेयोगसेवाकेसाथहीसमाजसेवाकेकार्योंमेंभीबढ़चढ़करहिस्सालेरहेहैं।वहकेवलअपनेगांवहीनहींबल्किस्कूल,कॉलेजवआस-पासकेक्षेत्रमेंभीलोगोंकोवर्षोंसेयोगकरानिरोगबनारहेहै।गांवकेविकासमेंभीउनकीसक्रियभूमिकारहीहै।

महेशएयरफोर्समेंकार्यरतथेतथागुजरातकेनलियासे31मई2010मेंसेवानिवृत्तहुएथे।सेवानिवृतिकेबादगांवमेंपतंजलीकीओरसेलगाएगएयोगशिविरसेप्रेरितहोकरहरिद्वारमेंयोगकाप्रशिक्षणलिया।प्रशिक्षणलेनेकेबादसेमहेशवर्षोंसेगांवकेपंचायतभवनमेंप्रतिदिनमहिलाओं,पुरुषोंवबच्चोंकोयोगकाअभ्यासकरारहेहै।

विकासकेलिएबनायाविकासमंडल

योगाभ्यासकेसाथहीउन्होंनेगांवमेंविकासकेलिएयुवाओंकेसाथबैठककरजुलाई2011मेंविकासमंडलबनाया।विकासमंडलमेंकरीब20सेअधिकसदस्यबनेहुएहै।मंडलकीओरसेहररविवारकोसफाईअभियान,हरसाल15अगस्तकोरक्तदानशिविरलगायाजाताहै।इतनाहीनहींलोगोंकोप्रेरितकरनेकेलिएवेस्वयंभीछहबाररक्तदानकरचुकेहै।मंडलकीओरसेगांवमेंजगह-जगहपौधेलगाएहै,जिसमेंमंडलकीओरसेड्रिपसिस्टमसेपानीदियाजाताहै।विकासमंडलमेंग्रामपंचायतवग्रामीणभीसहयोगकररहेहै।पौधोंकेलिएगांवमेंहीजैविकखादतैयारकियाजाताहै।बच्चोंकेसर्वांगीणविकासकेलिएगांवमेंपर्यावरणविषयपरपेंटिग,निबंधवस्लोगनप्रतियोगिताभीआयोजितहोतीरहतीहै।

स्कूलमेंभीसिखारहेयोग

सेवानिवृत्तिकेबादमहेशकुमारनेदोसालतकएमटेककंपनीमेंनौकरीकी।वर्ष2014मेंकापड़ीवासस्थितराजकीयवरिष्ठमाध्यमिकविद्यालयमेंबतौरअंग्रेजीप्राध्यापकनियुक्तिहुई।करीबतीनसालसेकापड़ीवासस्कूलमेंविद्यार्थियोंकोकक्षाएंलगनेसेपहलेनियमितयोगाभ्यासकरारहेहै।