विद्या भारती की पंचपदी शिक्षा पद्धति से पंचकोषीय विकास संभव : शिवकुमार

जागरणसंवाददाता,चाईबासा:भारतसरकारकीनईराष्ट्रीयशिक्षानीति2020भारतकेंद्रीतशिक्षाहै।इसशिक्षाव्यवस्थामेंबालमनोविज्ञानकोआधारमानकरबालकोंकेउम्रकेहिसाबसेवर्गकाविभाजनकियागयाहै।इसमेंबच्चोंकीउम्रकेआधारपरकक्षाकाविभाजनबड़ेहीमनोवैज्ञानिकढंगसेकियागयाहै।विद्याभारतीप्रारंभसेहीबच्चोंकेसर्वांगीणविकासकेलिएपंचमहाभूतआधारितपदार्थोंकेसाथक्रियाआधारितशिक्षापरबलदियाहै।शिक्षाकेवलअंकप्राप्तकरनानहीं,बल्किजीवनकीचुनौतियोंकोस्वीकारकरतेहुएअपनाएसमाजतथाराष्ट्रकाविकासकरनाहै।शिक्षाकोविषयोंमेंनाबांधतेहुएअंतरविषयकबनायागयाहै।नईशिक्षानीतिमें1752तरहकीगतिविधियांवोकेशनलएजुकेशनकेलिएतयकियागयाहै,जोस्वावलंबनपरआधारितहै।स्वावलंबीसमाजवराष्ट्रहीविश्वकानेतृत्वकरसकताहै।इसनईशिक्षानीतिकोअपनेविद्यालयमेंक्रियान्वयनकरनेकेलिएहमसभीप्रतिबद्धहैं।विद्याभारतीकीशिशुवाटिकायोजना12शैक्षिकव्यवस्थाओंपरआधारितहै,इसकेमाध्यमसेशिशुआसपासकेपरिवेशतथाजीवनशैलीसेअवगतहोताहै।इसमेंपारिवारिकसंबंधोंकेसाथ-साथजीवनजीनेकीआवश्यकआवश्यकता,प्राकृतिकसंपदाओंवदैनिकउपयोगमेंआनेवालेवस्तुओंकामहत्वसमझताहै।इसप्रकारकीशिक्षाव्यवस्थासेबालकोंकाशारीरिक,प्राणिक,मानसिक,बौद्धिकवआध्यात्मिकविकासकियाजासकताहै।विद्याभारतीकी12शैक्षिकव्यवस्थाओंमेंकार्यशाला,कलाशाला,विज्ञानप्रयोगशाला,चित्रपुस्तकालय,वस्तुसंग्रहालय,प्रदर्शनी,रंगमंच,घर,चिड़ियाघर,क्रीडांगण,बगीचावतरणतालहै।इनव्यवस्थाओंवशिशुवाटिकासेसंबंधितपुस्तकोंकाअवलोकनस्थानीयविद्यालयपद्मावतीजैनसरस्वतीशिशुविद्यामंदिरचाईबासामेंराष्ट्रीयसहसंगठनमंत्रीगोविदचंद्रमहंत,राष्ट्रीयमंत्रीशिवकुमार,क्षेत्रीयसंगठनमंत्रीख्यालीराम,क्षेत्रीयसचिवमुकेशनंदन,क्षेत्रीयसहसचिवगोपेशघोष,प्रांतसहसचिवअजयतिवारी,विद्यालयकेअध्यक्षरामध्यानमिश्र,कोषाध्यक्षदिलीपकुमारगुप्तासहितसभीपूर्णकालिकएवंप्रधानाचार्योनेकिया।