विद्यालय में धूमधाम से मनाई गई कस्तूरबा गांधी जयंती सह प्रवेश उत्सव

नवादा:रजौलीप्रखंडपरिसरकेपीछेअवस्थितकस्तूरबागांधीआवासीयविद्यालयमेंसोमवारकोधूमधामसेकस्तूरबाजयंतीवप्रवेशउत्सवमनायागया।बीडीओअनिलमिस्त्री,बीडब्लूओअभिषेकआनन्दवसंचालकसत्येंद्रपांडेयनेचित्रपरमाल्यार्पणकिया।छात्राओंनेरंगोली,चित्रांकनआदिकार्यक्रमकरउपस्थितलोगोंकोमंत्रमुग्धकरदिया।इसअवसरपरछात्राओंनेसंकल्पलेतेहुएकहाहमलोगसमाजमेंव्याप्तबालविवाह,दहेजप्रथावनशाकाविरोधकरूंगी।साथहीसाथइनसामाजिककुरीतियोंकेउन्मूलनहेतुअपनेपरिवारवसमाजमेंजागृतिलानेकाप्रयासकरूंगी।साथहीयहभीसंकल्पलेतीहूंकिकस्तूरबाविद्यालयसेशिक्षाग्रहणकेउपरांतआगेकीशिक्षाजारीरखेंगेताकिशिक्षित,स्वस्थ्य,नएसमाजवराष्ट्रकेनिर्माणमेंसहभागीबनीरहूंगी।बीडीओनेविद्यालयकेछात्राओंकोसम्बोधितकरतेहुएकस्तूरबागांधीकेजीवनीकेबारेमेंमहत्वपूर्णजानकारियांदीं।उन्होंनेबतायाकिकस्तूरबागांधीकाजन्म11अप्रैल1869ईमेंकाठियावाड़केपोरबंदरनगरमेंहुआथा।मात्र7सालकीअवस्थामेंउनकीसगाईमहात्मागांधीकेसाथहोगईथी।पुन:13सालकीउम्रमेंदोनोंकाविवाहहोगया।महात्मागांधीकीपत्नीहोनेकेअलावाकस्तूरबागांधीकीअपनीपहचानभीथी।वेंएकसमाजसेविकाथी।गरीबऔरपिछड़ेवर्गकेलिएबापूनेकामकामकियायहतोहमसबजानतेहैं।कितुदक्षिणअफ्रीकामेंअमानवीयहालातमेंभारतीयोंकोकामकरानेकेविरूद्धआवाजउठानेवालीकस्तूरबागांधीहीथीं।सर्वप्रथमकस्तूरबागांधीनेहीइसबातकोप्रकाशमेंरखाऔरउनकेलिएलड़तेहुएउनको3महीनेकेलिएजेलभीजानापड़ा।इसकेअलावाभीजबवेभारतलौटेंतोअपनेअंतिमक्षणतकभारतीयोंकीसेवाकरतीरहीं।वहींवार्डनरेखाकुमारीनेछात्राओंकोबतायाकिएकगरीबपरिवारकीछात्राआगेकीपढ़ाईकरभविष्यकोसवारेऔरइससंस्थाकेसाथसमाजएवंदेशकानामरोशनकरें।इसमौकेपरमंचसंचालककेरूपमेंपूर्वप्रधानाध्यापकबालकृष्णप्रसादयादव,लेखपालसंतोषकुमारकेअलावेसैकड़ोंछात्राएंमौजूदरहे।-----------------------कस्तूरबागांधीकीजयंतीमनी

संसू,गोविदपुर:कस्तूरबाबालिकाविद्यालयमेंसोमवारकोकस्तूरबागांधीजयंतीमनायागया।मौकेपरमुख्यअतिथिकेरूपमेंथानाध्यक्षडानरेंद्रप्रसादमौजूदथे।इसजयंतीपरकस्तूरबाविद्यालयकेछात्राओंनेयोगाकरसभीकामनमोहलिया।इसअवसरपरकस्तूरबागांधीकेफोटोपरथानाध्यक्षतथाविद्यालयकेअन्यलोगभीमाल्यार्पणकिया।तथाकस्तूरबागांधीकीजीवनीकेबारेबताया।समारोहकासंचालकआदर्शमध्यविद्यालयकेप्रभारीप्रधानाध्यापिकारेखाकुमारीनेकिया।मौकेपरकस्तूरबाविद्यालयकीवार्डनबिदुकुमारी,रात्रिप्रहरीपिटूकुमारसमेतरसोइयातथाअन्यलोगमौजूदथे।