विकास कार्यों के सवाल का प्रधानों के पास नहीं है कोई जवाब

पलियाकलां(लखीमपुर):बीतेवित्तीयवर्षमेंअबतककोईजरूरीकार्यदेहातमेंनहींहोसकेहैं।मूलभूतजरूरतोंकोलेकरग्रामपंचायतवासीतरसरहेहैं।नतोसड़केंहैं,नालियांटूटीपड़ीहैं,सफाईव्यवस्थाकाबुराहालहै।ऐसेमेंजनतासवालकररहीहै।लेकिनप्रधानोंकेपासचुप्पीसाधनेकेअलावाकोईविकल्पनहींहै।दरअसलइसपूरेमामलेकाजिम्माकहींनकहींअधिकारियोंकीअनदेखीऔरपंचायतअधिकारियोंकीमनमानीकोजाताहै।अबतकबीतेवित्तीयवर्षमेंहुएविकासकार्योंकेआय-व्ययकाब्यौराहीपंचायतअधिकारीजमानहींकरसकेहैं।नियमहैकिबिनाऐसाकिएकोईनयाकामनहींहोसकता।बसनियमोंकेपेंचमेंदेहातकाविकासबाधितहोगयाहै।

कायाकल्पयोजनाकेतहतबहुरेंगेदिन

हालांकिविकासमहकमाअबकायाकल्पयोजनाकेतहतसार्वजनिकस्थलोंपरनिर्माणएवंमरम्मतकेकार्यकीतैयारीमेंहै।खंडविकासअधिकारीडॉ.विनयकुमारनेबतायाकिप्राथमिकताकेआधारपरकायाकल्पयोजनाकेतहतकार्यशुरूकरानेकीप्रक्रियाप्रारंभकरदीगईहै।फिलहालजेईकीटीमस्टीमेटबनारहीहै।बारिशकेसीजनकेबादब्लॉकक्षेत्रकीविभिन्नग्रामपंचायतोंकेप्राथमिकविद्यालयोंमेंमॉडलशौचालयबनेंगेआंगनबाड़ीकेंद्रोंकाजीर्णोद्धारहोगायहांभीमॉडलशौचालयबनाएजानेहैं।इतनाहीनहींपंचायतभवनोंकीजर्जरहोचुकीबिल्डिंगकीमरम्मतकरवाईजाएगी।इससंबंधमेंपहलेहीग्रामपंचायतअधिकारियोंकोदिशानिर्देशदिएजाचुकेहैं।