विकास के लिए बदलें नजरिया

दरभंगा।मिथिलावासियोंकोसमग्रविकासकेलिए²ष्टिकोविकसितकरनेकीजरूरतहै।इसतथ्यपरविचारकरनेकीजरूरतहैकिसबकुछरहतेहुएभीमिथिलाकाविकासक्योंनहींहोरहाहै।मिथिलाविकाससंघकीओरसेएमआरएमकॉलेजमेंआयोजितमिथिलाविकाससम्मेलनकोसंबोधितकरतेहुएका¨सदसंविविकेकुलपतिप्रो.देवनारायणझानेउक्तबातेंकही।उन्होंनेकहाकिअपनीभाषा,संस्कृतिवलिपिरहतेहुएभीआजभीयहक्षेत्रक्योंपिछड़ाहुआहैयहविचारणीयविषयहै।आखिरसरकारकोमिथिलामेंएम्सवहाईकोर्टकीशाखाकोखोलनेमेंक्यापरेशानीहोरहीहैवहसमझमेंनहींआता।उदयशंकरमिश्रनेकहाकिमिथिलाक्षेत्रकेविकासकेलिएहमसबकोएकहोनापड़ेगा।अखिलभारतीयमिथिलापार्टीकेअध्यक्षरत्नेश्वरझानेकहाकिमिथिलाकेविकासकीबातकरनेवालेहीमिथिलापरराज्यकरसकेंगे।विद्यापतिटाइम्सकेसंपादकबिनोदकुमारनेकहाकिहमसबकोमिलकरमिथिलाक्षरवमैथिलीभाषाकोसमृद्धिकरनेकेलिएप्रयासकरनाचाहिए।अध्यक्षीयसंबोधनमेंप्रधानाचार्यडॉ.विद्यानाथझानेक्षेत्रवइसकीसंपदाकोविकसितकरनेकीबातकरतेहुएकहाकियहांकेलोग¨चतनकरेंकिप्राकृतिकसंवर्धनकेसाथकिसप्रकाविकासकीगाड़ीकोआगेबढ़ायाजाय।मौकेपरचंद्रशेखरझाउर्फबुढ़ाभाई,चौधरीहेमचंद्रराय,कमलेशउपाध्याय,सुरेंद्रमिश्र,शैलेंद्रकश्यप,सफीअहमद,दिनेश¨सधी,शिशिरकुमारझा,हरिश्चंद्रझाहरित,अजयकांतझा,कामोदझा,राजीवकुमारझा,रामबाबूचौपाल,विप्लवकुमारचौधरी,मोनुकुमार,विकासकुमारझा,चुद्रशेखरआदिनेसंबोधितकिये।संचालनवरूणकुमारझावधन्यवादज्ञापनमृत्युंजयमृणालनेकिया।