यहां खेल मैदान के साथ चल रहा उपेक्षा का खेल

गोपालगंज।खेलेकोबढ़ावादेनेकेलिएकिएजारहेसरकारकेप्रयासकोयहखेलमैदानआइनादिखारहाहै।कटेयाप्रखंडमुख्यालयकेएकमात्रखेलमैदानकेसाथप्रशासनिकउपेक्षाकाऐसाखेलखेलागयाकिअबयहखेलमैदानखेलनेलायकभीनहींरहगयाहै।कभीखेलमैदानमेंप्रखंडसेलेकरजिलास्तरीयखेलकूदप्रतियोगिताएंहोतीथीं।अबइसखेलमैदानमेंउगआईझाड़ियोंकेबीचमवेशीचरतेहैं।प्रखंडमुख्यालयमेंआठबीघामेंखेलमैदानहोनेकेबादभीअबखेलकूदप्रतियोगिताआयोजितकरनेकेलिएखेलप्रेमियोंकोखेलमैदानतलाशनीपड़तीहै।हालांकिअंग्रेजोंकेजमानेमेंबनेइसखेलमैदानकाजीर्णोद्धारकरनेकेलिएसत्तरकेदशकमेंप्रशासनकेस्तरपरपहलकीगईथी।लेकिनतभीतत्कालीनबीडीओकोतबादलाहोगया।इसकेसाथहीजीर्णोद्धारकोलेकरशुरूकियागयाकामभीबंदहोगया।इसकेबादफिरकभीइसखेलमैदानकीदशासुधारनेकीपहलनहींकीगई।जिससेअबइसखेलमैदानकाअस्तित्वखतरेमेंपड़गयाहै।

ब्रिटिशशासनकालकेसमयकटेयानगरमेंसाल1932मेंजीएउच्चविद्यालयकटेयाकीस्थापनाकीगई।विद्यालयस्थापनाकेबादतत्कालीनप्रधानाध्यापकतथाविद्यालयप्रबंधननेबच्चोंकेखेलनेकेलिएएकखेलमैदानकीआवश्यकतामहसूसकिया।विद्यालयप्रबंधनतथाप्रधानध्यापककेपहलपरग्रामीणोंनेखेलमैदानबनानेकेलिएअपनीपुश्तैनीजमीनविद्यालयकोदानमेंदियागया।दानमेंजमीनमिलनेकेबादयहांआठबीघामेंखेलमैदानबनायागया।शुरुआतीदौरमेंविद्यालयप्रबंधननेइसखेलमैदानकेचारोंतरफसेचहारदीवारीकराई।साल1978मेंतत्कालीनप्रखंडविकासपदाधिकारीशम्भूशरणश्रीवास्तवनेइसखेलमैदानकाजीर्णोद्धारकाकामशुरूकराया।लेकिनतभीउनकातबादलाहोगया।जिसकेकारणजीर्णोद्धारकाकार्यपूर्णनहींहोपाया।इसकेबारफिरकभीइसखेलमैदानकीतरफप्रशासनिकस्तरपरध्याननहींदियागया।इसखेलमैदानपरप्रशासनिकउपेक्षाकीमारऐसीपड़ीकिइसकीचहारदीवारीगिरगईहै।खेलमैदानकीसाफसफाईनहींकिएजानेसेइसमेंबड़ेबड़ेघासवजंगलीपौधेउगगएहैं।अबप्रखंडस्तरीयखेलप्रतियोगिताकेआयोजनकेलिएभीखेलप्रेमियोंकोखेलमैदानकीतलाशकरनीपड़तीहै।विद्यालयकेछात्र-छात्राओंकोइसमैदानमेंखेलनेमेंकाफीअसुविधामहसूसहोतीहै।प्रशासनिकउपेक्षाकेकारणयहखेलमैदानअपनाअस्तित्वखोताजारहाहै।