रसमलई कैसे बनय जत है

ब्लॉक प्रमुख दुगड्डा रुचि कैंत्यूरा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि उन्हें पता चला कि दुगड्डा विकासखंड के अंतर्गत कुछ गांवों को जिला विकास प्राधिकरण में शामिल किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में संसाधनों की कमी होने के साथ ही उनकी भौगोलिक परिस्थितियां भी अलग होती है। ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायतों को जिला विकास प्राधिकरण में किया जाना उचित नहीं है। कहा कि इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। कहा कि पहले से ही विकास प्राधिकरण शहरी क्षेत्रों के लिए मुसीबत बन चुका है और अब ग्रामीण क्षेत्रों की जनता पर प्राधिकरण को बोझ डाला जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश सरकार मूलभूत सुविधाओं के बजाय शराब जैसी सामाजिक बुराई को बढ़ावा देने में लगी हुई है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायतों को विकास प्राधिकरण में शामिल नहीं किए जाने की मांग उठाई। साथ ही 17 मार्च को विरोध-प्रदर्शन करने की बात भी कही गई। ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र सिंह नेगी, रमेश भंडारी, ममता नेगी, सुधीर सिंह रावत, रवींद्र सिंह व कुंदन सिंह आदि शामिल रहे।