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जुलकर नैन, चतरा : श्रीराम ईपीसी नामक ठेका कंपनी ने लापरवाही की सारी सीमाओं को पार कर गई। जिसका खामियाजा प्रदेश की एक वृहत जलापूर्ति योजना को भुगतना पड़ रहा है। टंडवा प्रखंड के 76 गांवों के करीब पचीस हजार घरों को शुद्ध पानी पिलाने की योजना पर सुस्ती का ग्रहण लग गया है। पिछले चार साल के भीतर महज 30 प्रतिशत योजना निर्माण का काम ही पूरा हो पाया है। हालांकि पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल ने संपूर्ण टंडवा प्रखंड एवं आसन्न ग्रामों में ग्रामीण जलापूर्ति एवं वियर निर्माण के प्राक्कलन का पचास प्रतिशत से अधिक की राशि बतौर अग्रिम ले चुका है। योजना की प्राक्कलित राशि 2,33,33,04,000 रुपये है और अग्रिम के रूप में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल को 1.40 अरब की राशि हो चुकी है। ठेका कंपनी की सुस्ती को देखते हुए जिला प्रशासन ने अग्रिम की राशि वसूलने की तैयारी कर रही है। योजना का निर्माण जिला खनिज विकास फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) से हो रहा है। 2017 में योजना निर्माण के लिए ठेका कंपनी से करार हुआ था। योजना निर्माण का काम नवंबर 2021 तक पूरा कर लिया जाना था। हालांकि ठेका कंपनी को छह माह का एक अवसर दिया गया है। मगर अब योजना में प्रगति के आधार पर किसी प्रकार का भुगतान पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के माध्यम से होगा।

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