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बगहा। शराबबंदी को राज्य में अब दो साल हो गए। दीगर बात है कि अब भी शराब के आदी लोग शराब की लत से छुटकारा नहीं पा सके हैं। शराबियों के इलाज और काउंस¨लग की अस्पताल में कोई व्यवस्था आजतक नहीं हो सकी है। अस्पतालों में अलग से इनके इलाज के लिए ना ही अलग वार्ड ना ही कोई चिकित्सक ही अब तक विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे मे इन लोगों का इलाज आम मरीजों के साथ ही अस्पताल मे चिकित्सक करते हैं। आम लोग और मरीज जैसे ही जानते है कि ये शराब आदि का नशा करते थे, अब इलाज के लिए आए है। उनका व्यवहार अचानक इनके प्रति बदल जाता है। अपनी ओर इनकी चुभती निगाह को देख कर नशा करने वाला व्यक्ति अस्पताल से जाता है तो दोबारा आने का नाम ही नहीं लेता है। ऐसे में ऐसे मरीज निजी अस्पतालों और चिकित्सकों से इलाज कराना अच्छा समझता है। ऐसी स्थिति में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों का सही इलाज नही हो पाता है।

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